गरियाबंद। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आचार्य पंडित युवराज पांडेय के आमंत्रण पर अमलीपदर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने आचार्य युवराज पांडेय के संभावित राजनीतिक प्रवेश पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक क्षेत्र की महान विभूतियों को राजनीति में आने के बजाय अपने मूल कार्य में ही आगे बढ़ना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने आचार्य की सुरक्षा, प्रदेश में बढ़ते सड़क हादसों और हालिया छात्र आंदोलन जैसे मुद्दों पर भी सरकार को निशाने पर लिया।
धार्मिक विभूतियों का सम्मान राजनीति से ऊपर: भूपेश बघेल
आचार्य युवराज पांडेय के राजनीतिक भविष्य को लेकर पूछे गए सवाल पर भूपेश बघेल ने कहा कि वे संस्कृति और धर्म के प्रचार-प्रसार के माध्यम से समाज में सम्मान के सर्वोच्च स्थान पर हैं। ऐसे व्यक्तित्वों का राजनीति में प्रवेश उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि समाज का दायित्व है कि ऐसी विभूतियों को उनके मूल कार्य में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि गरियाबंद के सुप्रसिद्ध कवि पवन दीवान का राजनीतिक भविष्य अधिक समय तक सफल नहीं रहा। ऐसे में वे नहीं चाहते कि एक और लोकप्रिय कथावाचक की पहचान राजनीति की भेंट चढ़े। उन्होंने कहा कि आचार्य जिस स्थान पर हैं, वहां उनका सम्मान सदैव बना रहेगा।
आचार्य की सुरक्षा बढ़ाने की मांग दोहराई

पूर्व मुख्यमंत्री ने एक बार फिर आचार्य युवराज पांडेय की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आचार्य हजारों-लाखों श्रद्धालुओं के बीच धार्मिक प्रवचन करते हैं, जबकि दूसरे राज्यों से आने वाले कथावाचकों को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वे पहले भी राज्य सरकार को पत्र लिखकर आचार्य की सुरक्षा बढ़ाने की मांग कर चुके हैं।

सड़क हादसों पर सरकार को घेरा
अमलीपदर पहुंचने के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग-130सी पर हाल ही में हुए सड़क हादसों का जिक्र करते हुए भूपेश बघेल ने प्रदेश सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि महंगाई के कारण डामर महंगा हो गया है, इसलिए भाजपा सरकार के विकास कार्यों की सूची से सड़क निर्माण और मरम्मत जैसे कार्य गायब हो गए हैं। यही वजह है कि प्रदेश में सड़क हादसों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो गंभीर चिंता का विषय है।
छात्र आंदोलन की सफलता का श्रेय छात्रों को
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन और उसके बाद हुए घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि यह पूरी तरह छात्रों की लड़ाई थी और इसकी सफलता का श्रेय भी छात्रों को ही जाता है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने भी इसे छात्रों का आंदोलन बताया था। प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ हुई कथित बर्बरता और कार्रवाई को उन्होंने अवैधानिक बताते हुए इसकी निंदा की।




