Solid Evidence of Fake Hologram: धलेनी में ढेबर परिवार के फार्म हाउस में मिली नकली होलोग्राम, जहं पहले उनका रोलिंग मिल हुआ करता था, बाद में उसे दूसरे कामों के लिए इस्तेमाल किया जाने लगा. ईओडब्ल्यू लगातार नकली होलोग्राम के केस में परत दर परत रहस्य खोलने की ओर बढ़ रही है। ईओडब्ल्यू ने शराब के नकली होलोग्राम का लिंक धनेली के फार्म हाउस के जोडक़र जांच की तो चौकाने वाली बात सामने आई. जो मेरठ में दर्ज केस नकली होलोंगराम बनाकर शराब बेचने के मामले में ठोस सबूत केरूप में काम करेगी। इतना ही नहीं ईओडब्ल्यू ने आशंका जताई है कि धनेली फार्म हाउस में और भी चौकाने वाले रहस्य उजागर हो सकते है। अब पक्का हो गया है कि नकली होलो ग्राम के सबूत मिटाने के लिए धनेली के रोलिंग मिल का उपयोग किया गया। ईओडब्ल्यू की टीम अपने जांच में लगातार आगे बढ़ते हुए अनवर ढेबर पर शिकंजा कसते जा रही है। साथ ही इससे संबद्ध लोगों की भी कुंडली निकाल कर दबोचने के लिए गोपनीय टीम बनाई है जो देश के कोने -कोने में जाकर नकली होलोग्राम के सभी आरोपियों को ढूढ निकालेगी। ईओडब्ल्यू के चीफ अमरेश मिश्रा के नेतृत्व में टीम लगातार कार्रवाई कर रही है।
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ईओडब्ल्यू ने बड़ी कार्रवाई
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में ईओडब्ल्यू ने बड़ी कार्रवाई की है। आरोपी अनवर ढेबर के पिता के धनेली स्थित खेत में गड़ा नकली होलोग्राम का जखीरा बरामद किया है। सबूत मिटाने के लिए नकली होलोग्राम को जलाने की आशंका जताई जा रही है. इस मामले में ईओडब्ल्यू ने 3 आरोपियों को हिरासत में लिया है. आरोपी अनुराग द्विवेदी, अमित सिंह, दीपक से ईओडब्ल्यू पूछताछ करेगी, जिसमें बड़ा खुलासा हो सकता है. बताया जा रहा कि अमित सिंह गिरफ्तार अरविंद सिंह का भतीजा है। बता दें कि छत्तीसगढ़ में शराब घोटाला के लिए नकली होलोग्राम का प्रयोग किया गया था. इस मामले की ईडी के बाद एसीबी भी जांच कर रही है. इस मामले में ईओडब्ल्यू ने हाल ही में 10 हजार से अधिक पन्नों का चालान कोर्ट में पेश किया है. अफसरों के अनुसार दोनों एजेंसियों की लंबी जांच के बावजूद अब तक नकली होलोग्राम किसी के हाथ नहीं लगा था
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Solid Evidence of Fake Hologram: सबूत मिटाने के लिए होलोग्राम को जलाने का प्रयास
छत्तीगसढ़ में हुए शराब घोटाला में इस्तेमाल किए गए नकली होलोग्राम एंटी करप्शन ब्यूरो ने बरामद किया है। ये होलोग्राम रायपुर शहर से लगे धनेली से जब्त की गई है। सबूत मिटाने के लिए होलोग्राम को जलाने का प्रयास किया गया है। एसीबी ने करीब 5 बाक्स जले हुए होलोग्राम जब्त किया है। ये होलोग्राम जहां से जब्त किए गए हैं, वह ढेबर के परिवार का है। एसीबी ने होलोग्राम जब्त करने के साथ ही 3 लोगों को भी गिरफ्तार किया है। प्रदेश में शराब घोटाला के लिए नकली होलोग्राम का प्रयोग किया गया था।
Solid Evidence of Fake Hologram: ईडी के बाद ईओडब्ल्यू भी कर रही जांच
इस मामले की ईडी के बाद एसीबी भी जांच कर रही है। ईओडब्ल्यू ने हाल ही में इस मामले में चालान कोर्ट में पेश किया है। अफसरों के अनुसार दोनों एजेंसियों की लंबी जांच के बावजूद अब तक नकली होलोग्राम किसी के हाथ नहीं लगा था। एसीबी के सूत्रों ने बताया कि आज मुखबीर के जरिये धनेली के एक खेत में होलोग्राम दबे होने की सूचना मिली। इसके आधार पर एसीबी की टीम ने वहां दबिश दी। मौके पर जेसीबी लगाकर खोदाई की गई। इस दौरान जमीन के नीचे से जले हुए होलोग्राम जब्त किए गए अफसरों ने बताया कि धनेली में जिस खेल से यह होलोग्राम जब्त किया गया है, वह रायपुर के महापौर एजाज ढेबर और अनवर ढेबर के पिता जहीर हाजी अहमद के नाम पर है। ईओडब्ल्यू की चार्जशीट में पूर्व मंत्री-आईएएस के नाम सूत्रों के अनुसार शराब घोटाला में ईडी के छापों के बाद ही इन होलोग्राम को जलाने का प्रयास किया गया था, लेकिन वे पूरी तरह जल नहीं पाए और आज एसीबी ने जब्त कर लिया। बता दें कि आरोप है कि पूर्ववर्ती सरकार के दौरान राज्य में नकली होलोग्राम के जरिये सरकारी शराब दुकानों ने शराब बेचे गए और उसका पूरा पैसा लोगों ने की जेब में गया। एसीबी की चार्जशीट में आईएएस निरंजनदास, अनिल टूटेजा, उनके पुत्र यश टूटेजा के साथ एके त्रिपाठी, विवेक ढांड और तत्कालीन आबकारी मंत्री कवासी लखमा का नाम शामिल है। शराब घोटला में ही अनवर ढेबर, अरविंद सिंह, विजय भाटिया के साथ ही एक दर्जन से ज्यादा आबकारी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं।
नोएडा में नकली होलोग्राम का केस दर्ज
शराब घोटाला में नोएडा में भी एक एफआईआर दर्ज है। यह एफआईआर ईडी की ही शिकायत पर नोएडा पुलिस ने दर्ज किया था। इसमें आबकारी विभाग के सचिव व विशेष सचिव समेत पांच लोगों को आरोपी बनाया गया है। यह एफआईआर नोएडा के कसाना थाना में आईपीसी की धारा 420, 468, 471, 473 और 120 बी के तहत दर्ज किया गया है।इस एफआईआर में ईडी की तरफ से नोएडा की कसाना पुलिस को बताया गया है कि ईडी की तरफ से छत्तीसगढ़ में शराब घोटला की जांच की जा रही है। इस जांच में ईडी को यह पता चला है कि नोएडा स्थित मेसर्स प्रिज्म होलोग्राफी सिक्योरिटी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड को नियम विरुध्द तरीके से टेंडर दिया गया था, जबकि कंपनी टेंडर में शामिल होने के लिए पात्र ही नहीं थी। इसके बावजूद कंपनी ने छत्तीसगढ़ के आबकारी विभाग के अफसरों के साथ मिलकर टेंडर हासिल कर लिया। आरोप है कि छत्तीसगढ़ के अफसरों ने इस मामले में आठ पैसा प्रति होलोग्राम कमीशन लिया। एफआईआर में होलोग्राफी कंपनी के एमडी विदु गुप्ता का भी नाम है। त्रिपाठी बोला-छत्तीसगढ़ में अब भी बेची जा रही अवैध शराब यूपी एसटीएफ की पूछताछ में एपी त्रिपाठी ने नकली होलोग्राम से अब भी बिक्री का खुलासा किया। वहीं रायपुर में अनवर ढेबर के प्लॉट से इनके अधजले रोल बरामद किए गए।




