बांग्लादेश में तख्तापलट की इनसाइड स्टोरी, जानिये हिंसा को किसने दी हवा......
बांग्लादेश में तख्तापलट हो चुका है। पिछले महीने से जारी देशव्यापी हिंसा के बाद प्रधानमंत्री शेख हसीना ने सोमवार (5 अगस्त 2024) को अपना इस्तीफा दे दिया है। शेख हसीना अपनी बहन शेख रिहाना के साथ प्रधानमंत्री के आधिकारिक निवास ‘गणभवन’ छोड़कर सुरक्षित जगह पर चली गयी है।
आरक्षण खत्म करने को लेकर हिंसक प्रदर्शनबांग्लादेश में सरकारी नौकरी में आरक्षण खत्म करने को लेकर जुलाई माह से हिंसक प्रदर्शन चल रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा आरक्षण खत्म किए जाने के बाद प्रदर्शन कुछ दिन के लिए रुक गए थे, लेकिन अगस्त में फिर से प्रदर्शन भड़क गए।
हिंसा में सैकड़ों लोग मारे गए बांग्लादेश में हुई इस हिंसा में अब तक 14 पुलिसकर्मियों समेत करीब 300 लोगों की जान चली गई है। हिंसा में हजारों लोग घायल हुए हैं। बांग्लादेश में हालात इतने खराब हो चुके हैं कि पूरे देश में अनिश्चितकाल के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया है।
क्या है पूरा मामलादरअसल, बांग्लादेश में ये प्रदर्शनकारी आरक्षण प्रणाली को पूरी तरह से समाप्त करने की मांग कर रहे हैं, क्योंकि इसके तहत बांग्लादेश के लिए वर्ष 1971 में आजादी की लड़ाई लड़ने वाले स्वतंत्रता संग्रामियों के परिवारों के लिए 30 प्रतिशत सरकारी नौकरियां आरक्षित की गई हैं।
हिंसा को पाकिस्तान और आईएसआई ने भड़कायासवाल उठ रहे हैं कि बांग्लादेश में जानलेवा हिंसा को भड़काने के पीछे पाकिस्तान और उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बांग्लादेश में ‘छात्र शिविर’ नाम के छात्र संगठन ने इस हिंसा को हवा देने का काम किया है।
कट्टरता की ओर बढ़ता बांग्लादेशबांग्लादेश में बढ़ता कट्टरपंथ और अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की वारदात कोई नई नहीं हैं। अब तक हिंसा की ये घटनाएं एक सीमित इलाकों में होती आई हैं, लेकिन पहली बार पूरे बांग्लादेश में हिंसा भड़की है।