नई दिल्ली। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने आईपीएल 2025 के फाइनल में पंजाब किंग्स को 6 रन से हराकर आखिरकार 18 साल के लंबे इंतजार को खत्म कर पहला खिताब जीत लिया। इस ऐतिहासिक जीत के बाद जहां विराट कोहली की कप्तानी और योगदान की सराहना हो रही है, वहीं एक और नाम सुर्खियों में है—विजय माल्या, जो RCB के पहले मालिक थे।
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भगोड़ा घोषित हो चुके शराब कारोबारी विजय माल्या ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में खुलासा किया कि उन्होंने आईपीएल 2008 की शुरुआत में तीन टीमों के लिए बोली लगाई थी, जिनमें मुंबई इंडियंस भी शामिल थी। हालांकि मुंबई की टीम उन्हें नहीं मिल पाई क्योंकि उस पर मुकेश अंबानी ने बड़ी बोली लगाई। अंततः माल्या ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 112 मिलियन डॉलर (तकरीबन 700 करोड़ रुपये) में खरीदा।
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माल्या ने बताया कि उन्हें ललित मोदी ने टीमों की नीलामी में भाग लेने का सुझाव दिया था। उन्होंने आईपीएल को भारतीय क्रिकेट का भविष्य मानते हुए इसमें निवेश करने का फैसला लिया। उनका उद्देश्य एक ऐसी टीम बनाना था जो बेंगलुरु की भावना को दर्शाए और मैदान के बाहर भी एक ब्रांड के रूप में जानी जाए।
पॉडकास्ट में माल्या ने साफ किया कि RCB को खरीदने का उनका मकसद क्रिकेट से प्रेम नहीं, बल्कि अपने शराब ब्रांड ‘रॉयल चैलेंज’ को बढ़ावा देना था। इसलिए उन्होंने टीम का नाम भी उसी ब्रांड से जोड़ा ताकि उसे व्यापक पहचान मिल सके।
जब माल्या से पूछा गया कि अगर आज उन्हें टीम के लिए खिलाड़ी चुनने का मौका मिले तो वे किन्हें लेते, तो उन्होंने जसप्रीत बुमराह, सूर्यकुमार यादव, ऋषभ पंत और केएल राहुल का नाम लिया।
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RCB की पहली खिताबी जीत ने जहां कोहली के समर्पण की कहानी पूरी की, वहीं विजय माल्या के पुराने खुलासे ने टीम के शुरुआती दौर की कारोबारी रणनीति और उद्देश्य को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।




