PM Modi @75: चाय बेचने वाले बालक से विश्व के सबसे शक्तिशाली नेता तक का अद्भुत सफर

17 सितम्बर 1950 को गुजरात के छोटे से कस्बे वडनगर में एक गरीब परिवार में जन्मे नरेंद्र दामोदरदास मोदी। बचपन में पिता के साथ रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने वाले छोटे मोदी को शायद ही किसी ने सोचा होगा कि एक दिन वे विश्व राजनीति के सबसे चमकते सितारे बनेंगे।

सिर्फ 8 वर्ष की आयु में RSS से जुड़े। छोटी उम्र से ही अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और सेवा का बीज उनके भीतर गहराई तक बो दिया गया। 1971 में वे संघ के पूर्णकालिक प्रचारक बन चुके थे।

17 वर्ष की आयु में परिवार को बिना बताए घर छोड़ दिया। लगभग दो वर्षों तक भारत भ्रमण किया। हिमालय की चोटियों से लेकर भारत के तीर्थस्थलों तक, साधना और चिंतन में समय बिताया।

1985 में नरेंद्र मोदी ने BJP में कदम रखा। उनकी रणनीति, संगठन क्षमता और अथक परिश्रम ने उन्हें पार्टी का अभिनव चेहरा बना दिया। धीरे-धीरे मोदी ने खुद को नेतृत्व और विजन के प्रतीक के रूप में स्थापित किया।

7 अक्टूबर 2001 को मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। लगातार 14 वर्षों तक सत्ता संभाली और गुजरात को विकास का आदर्श मॉडल बना दिया। उनका “गुजरात मॉडल” राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय चर्चा का केंद्र बना।

2014 में नरेंद्र मोदी देश के 14वें प्रधानमंत्री बने। 2019 में दूसरी बार प्रचंड बहुमत से सत्ता में लौटे।

17 सितम्बर 2025 को मोदी जी 75 वर्ष के हो गए। आज पूरा भारत उन्हें संघर्ष, साहस और संकल्प की मूर्ति मानकर शुभकामनाएँ दे रहा है।