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    Home » स्मार्ट मीटर को लेकर भ्रम दूर करें, वास्तविक खपत के आधार पर बनता है बिल

    स्मार्ट मीटर को लेकर भ्रम दूर करें, वास्तविक खपत के आधार पर बनता है बिल

    Khabarwaad News DeskBy Khabarwaad News DeskJuly 17, 2026 Auto & Gadget No Comments3 Mins Read

    रायपुर। स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर उपभोक्ताओं के बीच फैली भ्रांतियों को दूर करते हुए छत्तीसगढ़ विद्युत विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर बिजली का बिल नहीं बढ़ाता, बल्कि वास्तविक बिजली खपत के आधार पर सटीक बिल तैयार करता है। विभाग के अनुसार यदि किसी उपभोक्ता का बिल बढ़ा है, तो इसका मुख्य कारण बिजली की अधिक खपत और उच्च टैरिफ स्लैब में पहुंचना है, न कि स्मार्ट मीटर।

    विभाग ने बताया कि स्मार्ट मीटर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उपभोक्ता ‘मोर बिजली’ ऐप के जरिए हर आधे घंटे की बिजली खपत की जानकारी रीयल टाइम में देख सकते हैं। इससे यह पता लगाया जा सकता है कि कौन-से विद्युत उपकरण सबसे अधिक बिजली खर्च कर रहे हैं और खपत कम करने के लिए समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं।

    अधिकारियों के मुताबिक पहले उपभोक्ताओं को महीने के अंत में बिल मिलने के बाद ही कुल बिजली खपत का पता चलता था, लेकिन स्मार्ट मीटर के माध्यम से अब पूरे महीने खपत पर लगातार नजर रखी जा सकती है। इससे अनावश्यक बिजली उपयोग को नियंत्रित कर बिल कम करने में मदद मिलती है।

    खपत बढ़ने से बढ़ता है बिल, स्मार्ट मीटर से नहीं

    विभाग ने बताया कि प्रदेश में बिजली दरें निर्धारित स्लैब के अनुसार लागू होती हैं। 0 से 100 यूनिट तक 4.40 रुपये प्रति यूनिट, 101 से 200 यूनिट तक 4.50 रुपये, 201 से 400 यूनिट तक 6 रुपये, 401 से 600 यूनिट तक 7 रुपये तथा 601 यूनिट से अधिक खपत होने पर 8.80 रुपये प्रति यूनिट की दर से शुल्क लिया जाता है। ऐसे में जैसे ही बिजली की खपत अगले स्लैब में पहुंचती है, बिल स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है।

    विभाग के अनुसार अप्रैल, मई और जून में भीषण गर्मी के दौरान एसी, कूलर और अन्य विद्युत उपकरणों के अधिक उपयोग से अधिकांश घरों में बिजली की खपत बढ़ी। इसी कारण कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल अधिक आए। इसका स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली से कोई संबंध नहीं है।

    हाफ बिजली योजना का लाभ बनाए रखने में भी मददगार

    विभाग ने कहा कि स्मार्ट मीटर की मदद से उपभोक्ता अपनी मासिक खपत पर नजर रखकर उसे 400 यूनिट से नीचे रखने की योजना बना सकते हैं। इससे राज्य सरकार की हाफ बिजली योजना का लाभ लगातार मिलता रहता है। यदि खपत 400 यूनिट से अधिक हो जाती है, तो योजना का लाभ प्रभावित होने से बिल बढ़ सकता है।

    स्मार्ट मीटर से संबंधित शिकायतों पर विभाग ने कहा कि अब तक प्राप्त अधिकांश शिकायतों की जांच में मीटर सही पाए गए हैं। किसी भी प्रकार की शिकायत होने पर उपभोक्ता विद्युत विभाग के हेल्पलाइन नंबर 1912 पर संपर्क कर सकते हैं।

    विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे मोर बिजली ऐप का अधिक से अधिक उपयोग करें, बिजली की खपत पर नियमित निगरानी रखें और ऊर्जा संरक्षण अपनाकर बिजली बिल कम करें। साथ ही प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाकर बिजली बिल को और कम या शून्य करने का लाभ भी उठाया जा सकता है।

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