KHABARWAAD/ RIAPUR
DHANANJAY BARMAL. अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ में एक महिला ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सरकारी आवास के बाहर आत्महत्या की कोशिश की है। महिला के अनुसार वह पिछले 30 साल से अपने पति के खिलाफ कोर्ट से न्याय मांग रही है, लेकिन उसके पक्ष में फैसला नहीं आने से दुःखी होकर शुक्रवार को अपनी जिंदगी समाप्त करने के उद्देश्य से सीएम हाउस के बाहर नींद की गोलियां खा ली और बेहोश होकर गिर गई। वही बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने सिविल लाइन थाना पुलिस की मदद से महिला को अम्बेडकर अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है।
पीड़ित महिला 37 वर्षिय रीता साहा है जो कि बचेली दंतेवाड़ा की रहने वाली है। महिला ने बताया कि उसकी शादी सुकुमार सरकार से फरवरी 1993 में हुई थी। पति सुकुमार शादी के पहले दिन से ही उसे दहेज़ को लेकर तंग करता था इसलिए शादी ज्यादा दिनों तक नही टिकी और सात माह बाद पति ने उसे छोड़ दिया, लेकिन तलाक नही हुआ है। महिला का आरोप है कि उसका पति जिस लड़की को अपनी मुंह बोली बहन बताता था उसी लड़की से वह 2003 में शादी कर लिया और उससे अब एक लड़का भी है।

रिता के अनुसार यह पूरा मामला पहले दंतेवाड़ा के कोर्ट चल रहा था जिसे बाद में बचेली कोर्ट ट्रांसफर किया गया। कोर्ट में रिता के पति का जिस महिला से एक बच्चा है उसे अपनी बहन बताया है जिसके आधार पर कोर्ट ने रिता के पति के पक्ष में फैसला दे दिया है।
इस फैसले से नाखुश रिता न्याय की गुहार लगाने मुख्यमंत्री आवास पहुंची थी जहां उसे सीएम से मिलने नही दिया गया जिसके बाद हताश होकर उसने नींद की गोलियां खा ली।
बहरहाल महिला को समय रहते अस्पताल ले जाया गया और महिला अब खतरे से बहार है।
पत्नी ने दिए सबूत, लेकिन दूसरी औरत से विवाह नहीं कर पाई साबित
महिला ने जो आरोप अपने पति पर लगाये है उसके सरकारी रिकार्ड में सबूत दिए है। उन सबूतों पर गौर करे तो रिता के पति सुकुमार सरकार दूसरी औरत जिसे कथित तौर पर अपनी बहन बता रहा है उससे एक बच्चा है.
कोर्ट ने पति को किया दोषमुक्त
रिता ने पति सुकुमार के खिलाफ परिवाद दायर किया था जिसमे वह अपने पति सुकुमार का विवाह का साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाई लिहाजा न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी बचेली ने अभियुक्त यानि रिता के पति को इस संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त कर दिया है.





