रायपुर। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर ने छत्तीसगढ़ के चूककर्ता संस्थानों की सूची सार्वजनिक की है। इन संस्थानों पर भविष्य निधि अधिनियम का पालन न करने के चलते कुल 11 करोड़ 24 लाख 90 हजार 875 रुपये की बकाया राशि दर्ज की गई है।
सूची में सबसे बड़ा बकायेदार दुर्ग का बीएसआर सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल्स लिमिटेड है, जिस पर 6 करोड़ 1 लाख रुपये से अधिक की देनदारी है। इसके अलावा रायपुर की आइडियाक इंक मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड पर 1.34 करोड़, रायगढ़ के किरोड़ीमल प्रौद्योगिकी संस्थान पर 1.01 करोड़, तथा दुर्ग की प्रतिभा फ्लोकॉन इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड पर 38 लाख रुपये से अधिक का बकाया पाया गया है। अन्य बकायेदारों में रायपुर की नवभारत फ्यूज कंपनी प्राइवेट लिमिटेड, डीवी प्रोजेक्ट्स लिमिटेड, भिलाई बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड, दुर्ग की आसिया फैब्रिकेटर्स और रायगढ़ की कैनेलाइट फैसिलिटी मैनेजमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।
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EPFO ने चेतावनी दी है कि बकाया वसूली के लिए अधिनियम 1952 के तहत बैंक खाते अटैच करने, संपत्ति कुर्क करने और नियोक्ताओं की गिरफ्तारी तक की कार्रवाई की जा सकती है। रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय के अनुसार, इस वर्ष अब तक 65 संस्थानों से करीब 49 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है।
कार्यालय प्रभारी क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त जयवदन इंगले ने बताया कि प्रवर्तन अधिकारियों की टीम गठित कर कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। यह अभियान अपर केंद्रीय भ.नि. आयुक्त (मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़) रंगनाथ के नेतृत्व में लगातार जारी रहेगा।
EPFO ने सभी संस्थानों से अपील की है कि वे विधिक कार्रवाई से बचने के लिए तत्काल बकाया राशि का भुगतान करें, अन्यथा सख्त कदम उठाए जाएंगे।




