रायपुर। राजधानी रायपुर में भाजपा-कांग्रेस विवाद के बाद कांग्रेस नेताओं पर दर्ज गैर-जमानती धाराओं वाली एफआईआर को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद फिलहाल थम गया है। खम्हारडीह थाने के सामने कांग्रेस का करीब 18 घंटे तक चला अनिश्चितकालीन धरना पुलिस के लिखित आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला।
भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस कार्यालय का घेराव भाजपा के मंत्री, नेता और कार्यकर्ताओं ने किया था, लेकिन एफआईआर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज कर दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन भाजपा ने किया, जबकि कार्रवाई कांग्रेस पर हुई। बघेल ने कहा कि इसी के विरोध में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को थाने के सामने धरना देना पड़ा, जिसके बाद पुलिस ने भाजपा नेताओं पर भी एफआईआर दर्ज करने का लिखित आश्वासन दिया।
सीएम साय के बयान पर किया पलटवार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के उस बयान पर भी भूपेश बघेल ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें मुख्यमंत्री ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं की तुलना कश्मीर के पत्थरबाजों से की थी। बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री को कश्मीर की बजाय छत्तीसगढ़ की कानून-व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की स्थिति किसी से छिपी नहीं है और सरकार अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन नहीं कर पा रही है।
NEET पेपर लीक पर केंद्र सरकार को घेरा
नीट पेपर लीक मामले को लेकर भी भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया जा रहा है, जबकि विपक्ष लगातार संसद के दोनों सदनों में इस मुद्दे को उठा रहा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री आवास का घेराव किया और पूरे देश में छात्र आंदोलनरत हैं।
भूपेश बघेल ने मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें। साथ ही जिन छात्रों ने कथित रूप से आत्महत्या की है, उनके परिजनों को मुआवजा दिया जाए और प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।




