रायपुर। स्टेट जीएसटी विभाग ने खजूर के कारोबार में पहली बार इतनी बड़ी कर वसूली की है। विभाग की छापेमारी के बाद शहर के प्रमुख कारोबारी एसएन ट्रेडर्स के संचालक साधुराम नेनूमल ने एकमुश्त 1.30 करोड़ रुपये का कर और जुर्माना जमा कराया।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, जीएसटी अधिकारियों को सूचना मिली थी कि एसएन ट्रेडर्स का देवपुरी में बड़ा गोदाम संचालित है। इसके अलावा कारोबारी गुढ़ियारी समेत शहर के अन्य स्थानों से भी खजूर की खरीद-बिक्री करता है। यह फर्म विदेशों से खजूर आयात कर छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में उसकी सप्लाई करती है। लंबे समय तक अधिकारियों को मुख्य गोदाम की जानकारी नहीं मिल पाई थी, लेकिन बाद में देवपुरी स्थित गोदाम का पता लगने पर वहां छापेमारी की गई।
पेन ड्राइव से खुला करोड़ों के कारोबार का राज
शुरुआती जांच में अधिकारियों को कोई खास दस्तावेज नहीं मिले। हालांकि गोदाम में रखे एक पुराने कंप्यूटर में लगी पेन ड्राइव की जांच के दौरान करोड़ों रुपये के वास्तविक कारोबार का रिकॉर्ड मिला। इसके बाद अधिकारियों ने पेन ड्राइव में दर्ज आंकड़ों की तुलना जीएसटी रिटर्न में घोषित कारोबार से की, जिसमें बड़े पैमाने पर अंतर पाया गया। जांच के बाद कारोबारी पर 1.30 करोड़ रुपये का कर और जुर्माना निर्धारित किया गया, जिसे वैधानिक कार्रवाई से बचने के लिए तत्काल जमा कर दिया गया।
आयातित खजूर का कारोबार भी छिपाया गया
खाद्य सामग्री होने के कारण खजूर पर केवल 5 प्रतिशत जीएसटी लागू होता है। इसके बावजूद जांच में सामने आया कि विशेष रूप से सऊदी अरब से आयात किए जाने वाले खजूर की खरीद और बिक्री का पूरा विवरण विभाग को नहीं दिया जा रहा था। कच्चे रिकॉर्ड में दर्ज कारोबार की तुलना में जीएसटी रिटर्न में केवल लगभग एक-तिहाई कारोबार ही दर्शाया गया था।
जांच में यह भी सामने आया कि आयात-निर्यात से जुड़े कारोबार को पूरी तरह छिपाया गया था। एसएन ट्रेडर्स छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के अलावा झारखंड, मध्यप्रदेश और ओडिशा में भी खजूर की सप्लाई करता था। यही कारण है कि जीएसटी की दर केवल 5 प्रतिशत होने के बावजूद कारोबारी को 1.30 करोड़ रुपये से अधिक की कर एवं जुर्माना राशि चुकानी पड़ी।




