रायपुर। झीरम घाटी मामले की एनआईए स्पेशल कोर्ट में चल रही सुनवाई को लेकर कांग्रेस के बयानों पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कांग्रेस पर झीरम मामले में राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता खुद ही जज बन जाएं और कांग्रेस भवन से ही फैसला सुना दें। चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस को सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है।
‘भाजपा को कांग्रेस से मार्गदर्शन की जरूरत नहीं’
विश्व आदिवासी दिवस को लेकर कांग्रेस द्वारा भाजपा सरकार और संगठन पर सवाल उठाए जाने पर भी अजय चंद्राकर ने निशाना साधा। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सरकार और संगठन ने विश्व आदिवासी दिवस नहीं मनाया और न ही बधाई दी। इस मुद्दे पर कांग्रेस आज 15 जिलों में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जा रही है।
चंद्राकर ने कहा कि विश्व के मूल निवासियों का अंतरराष्ट्रीय दिवस 9 अगस्त को मनाया जाता है और कांग्रेस को पहले संबंधित प्रस्ताव पढ़ना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा को कांग्रेस से मार्गदर्शन लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कांग्रेस से यह भी पूछा कि उसने आदिवासियों के लिए आखिर क्या किया है।
महिला राजनीति को लेकर कांग्रेस पर तंज
महिलाओं की राजनीति में भाजपा नेताओं के कथित हस्तक्षेप को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर भी चंद्राकर ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस खुद महिला और उनके पुत्र के इर्द-गिर्द चल रही है। चंद्राकर ने कांग्रेस पर टिप्पणी करते हुए उसे ‘हाइब्रिड नस्ल’ का बताया और कहा कि वह ‘देसी नस्ल’ की भी नहीं है।
‘पार्षद पति’ व्यवस्था खत्म करने के फैसले का स्वागत
छत्तीसगढ़ में ‘पार्षद पति’ व्यवस्था खत्म करने संबंधी सरकार के राजपत्र जारी होने को अजय चंद्राकर ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को राजनीतिक और गैर-राजनीतिक विवादों से ऊपर उठकर खत्म करने की दिशा में काम होना चाहिए।
चंद्राकर ने कहा कि नगरीय निकायों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत और पंचायतों में 50 प्रतिशत आरक्षण है। ऐसे में निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों को स्वयं अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का अवसर मिलना चाहिए।




