रायपुर। हाल में राज्य में तीन लोगों की मलेरिया से मौत हुई है, इसे छिपाया नहीं जा सकता है. लेकिन एक भी मौत मलेरिया से न हो, इस दिशा में सरकार काम कर रही है. यह बात स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने आज पत्रकारों से चर्चा के दौरान मलेरिया के खिलाफ जारी लड़ाई को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता बताते हुए कही.
स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने आज लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के कार्यों का लेखा-जोखा पेश किया. मलेरिया के खिलाफ जारी लड़ाई को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि मलेरिया नियंत्रण में छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय मॉडल बना. कभी बस्तर की पहचान मलेरिया जैसी गंभीर चुनौती से होती थी. लेकिन आज वहीं क्षेत्र मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान की सफलता का राष्ट्रीय उदाहरण बनकर उभरा है.
उन्होंने बताया कि सरकार की रणनीतिक कार्ययोजना, स्वास्थ्य विभाग के सतत् प्रयासों एवं जनसहभागिता के परिणामस्वरूप घर-घर सर्वेक्षण, समय पर जाँच, त्वरित उपचार, प्रभावी वेक्टर नियंत्रण तथा व्यापक जनजागरूकता के माध्यम से उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है. इन प्रयासों के परिणामस्वरूप बस्तर संभाग की मलेरिया पॉजिटिविटी दर 4.60 प्रतिशत से घटकर 0.48 प्रतिशत रह गई है. जबकि राज्य का वार्षिक परजीवी सूचकांक (API) 5.21 से घटकर 0.90 पर पहुँच गया है.
श्याम बिहारी ने बताया कि वर्ष 2015 की तुलना में वर्ष 2025 तक मलेरिया के मामलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है. उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में 16.97 लाख कीटनाशकयुक्त मच्छरदानियों का वितरण कर मलेरिया नियंत्रण को और अधिक सुदृढ़ बनाया गया. इन उपलब्धियों के लिए भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में सम्मानित किया गया है.
मंत्री जायसवाल ने कहा कि बस्तर जहाँ लोगों ने दवा, नर्स, डॉक्टर नहीं देखे थे, उन्हें घर पहुंच इलाज मिल रहा है. नक्सलवाद के वजह विकास बाधित था. नक्सलवाद मुक्ति के बाद मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान चलाया गया, जिसमें 34 लाख से ज़्यादा लोगों तक स्वास्थ्य विभाग पहुंचा.
उन्होंने कहा कि बीमारी देखे, खून चेक किया गया, बीमारी पकड़ में आई, फिर इलाज कराया गया और कुछ का इलाज जारी है. 60 हजार मरीजों को रेफर उच्च हॉस्पिटल भेजा गया. 10 हजार से ज़्यादा गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर काम किया गया. दो सालों में एक हज़ार डॉक्टरों की भर्ती की गई है. मातृत्व मृत्यु दर 142 से घट कर 122 हुआ है.
आधारभूत संरचनाओं का विकास
स्वास्थ्य मंत्री ने छत्तीसगढ़ में चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य के आधारभूत संरचनाओं के विकास की जिक्र करते हुए कहा कि अति महत्वपूर्ण 3 नवीन मेडिकल कॉलेज कांकेर, कोरबा एवं महासमुंद के लिए निर्धारित कार्य किया गया है. जिनकी लागत क्रमशः राशि 321.71 करोड़, रुपए, 322.85 करोड़ रुपए, 321.80. करोड़ रुपए (कुल लागत राशि 966.36 करोड़ रुपए है. जिन्हें दिसंबर 2026 तक पूर्ण किए जाने का लक्षित किया गया है.
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य के 25वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में चार नवीन चिकित्सा महाविद्यालय भवन, मनेन्द्रगढ़, जांजगीर-चांपा, कबीरधाम एवं गीदम (दंतेवाड़ा) का शिलान्यास प्रधानमंत्री द्वारा किया गया है. जिसका निर्माण लागत क्रमशः राशि 362.586 करोड़ रुपए, 357.247 करोड़ रुपए, 357.247 करोड़ रुपए एवं राशि 366.515 करोड़ रुपए मिलाकर कुल लागत राशि 1443.57 करोड़ रुपए है.
इसके साथ बताया कि निर्माणाधीन चारों नवीन चिकित्सा महाविद्यालय का निर्माण त्वरित गति से किया जा रहा है. आगामी 2 वर्षों में पूर्ण किए जाने का लक्षित किया गया है. इसके अतिरिक्त आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र जिला जशपुर के कुनकुरी में नवीन चिकित्सा महाविद्यालय सृजन एवं निर्माण कार्य के लिए राशि 359.00 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है. निविदा की कार्रवाई अंतिम चरण में है. आगामी 2 वर्षों में पूर्ण करने के लिए लक्षित किया गया है.
सिम्स के लिए निविदा कार्रवाई प्रक्रियाधीन
उन्होंने बताया कि बिलासपुर जिले के कोनी में छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान एवं चिकित्सालय के अधोसंरंचना एवं चिकित्सा सुविधाओं में आधारभूत परिवर्तन करने के लिए कोनी जिला बिलासपुर में भवन निर्माण एवं अधोसंरचना कार्य के लिए राशि 1412.44 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसमें निविदा की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है.
रायपुर में 700 बेड एकीकृत चिकित्सालय
मंत्री ने बताया कि रायपुर स्थित डॉ. भीमराव अम्बेडकर चिकित्सा महाविद्यालय में 700 बेड एकीकृत चिकित्सालय भवन निर्माण के लिए 376.22 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसमें निविदा दर स्वीकृति की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है. इसके अलावा बिलासपुर में आयुर्वेदिक महाविद्यालय के लिए 93.24 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है. कार्य प्रगतिरत पर है, जिसको नवम्बर 2027 में पूर्ण करने का लक्षित किया गया है.
5 नवीन नर्सिंग कॉलेजों का कार्य प्रगति पर
राज्य में कुल 14 नवीन नर्सिंग महाविद्यालय, जिसमें 11 नर्सिंग महाविद्यालय एवं 3 नर्सिंग एवं छात्रावास शामिल हैं, के निर्माण की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि 5 नवीन नर्सिंग महाविद्यालय का कार्य प्रगतिरत है, वहीं 10 नर्सिंग महाविद्यालय निर्माण कार्य का कार्यदिश जारी किया जा चुका है. इसके अलावा 2 कार्य मनेन्द्रगढ़ एवं सारंगढ़-बिलैगढ़ के सरिया की निविदा की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है.
नवीन जिला अस्पताल
मंत्री ने बताया कि जिला अस्पताल, मनेन्द्रगढ़, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, मोहला-मानपुर-गंडई, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 190 करोड़ रुपए की लागत से 200 बेड अस्पताल का कार्य त्वरित गति से प्रगतिरत है. मनेन्द्रगढ़ एवं कुनकुरी में 220 बेड अस्पताल का निर्माण कार्य 72.25 करोड़ रुपए की लागत से त्वरित गति से प्रगतिरत है.
नवीन सिविल अस्पताल 100 बिस्तर
उन्होंने बताया कि रायपुर जिले के सरोना और धमतरी जिला के कुरूद, कोरबा जिला के कटघोरा, सांरगढ़-बिलाईगढ़ जिला के सरिया में 100 बेड अस्पताल का कार्य त्वरित गति से प्रगतिरत है. इसके साथ जिला गौरेला-पेड्रा-मरवाही, जिला महासमुंद के बसना एवं रायपुर जिला के राखी नवा रायपुर में 100 बेड अस्पताल का कार्य का कार्यादेश जारी किया गया है. जिला रायगढ़ के पुसौर, जिला-गरियाबंद एवं जिला बेमेतरा में 100 बेड अस्पताल का कार्य निविदा दर स्वीकृति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है. जिसकी कुल लागत राशि रू. 180.44 करोड़ का कार्य प्रारंभ किया गया है.
नवीन फिजियोथेरेपी महाविद्यालय
इसके साथ उन्होंने बताया कि राज्य में 06 जिलों में नवीन फिजियोथेरेपी महाविद्यालय का निर्माण के लिए 83.63 करोड़ रुपए, प्रत्येक कार्य की राशि 13.93 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए है दुर्ग, बिलासपुर, रायगढ़, जशपुर में नवीन फिजियोथेरेपी महाविद्यालय का निर्माण कार्य त्वरित गति से प्रगतिरत है तथा जिला मनेन्द्रगढ़ एवं जिला बस्तर में निर्माण कार्य का कायदिश जारी किया गया है.
10 बिस्तरीय शैय्यायुक्त योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्रों
उन्होंने बताया कि जिला रायगढ़ एवं जिला जशपुर में 10 बिस्तरीय शैय्यायुक्त योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्रों का निर्माण कार्य प्रारंभ किया जा चुका है, एवं बस्तर, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी- भरतपुर जिले में 11.22 करोड़ रुपए की लागत से 10 बिस्तरीय शैय्यायुक्त योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र निर्माण कार्य की स्वीकृति पत्र जारी किया गया है. वहीं जिला दुर्ग के शासकीय जिला आयुर्वेद चिकित्सालय में 10.50 करोड़ रुपए की लागत से नवीन 30 बिस्तर जिला आयुर्वेदा हॉस्पिटल भवन के निर्माण की निविदा प्रक्रियाधीन है.
राज्य कैंसर संस्थान का 80 प्रतिशत काम पूर्ण
बिलासपुर में बनाए जा रहे राज्य कैंसर संस्थान का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि 80% तक पूर्ण किया जा चुका है. निर्माण की कुल लागत राशि 42.00 करोड़ रुपए है. इसके अलावा 50 बेड क्रिटिकल केयर यूनिट राज्य के 21 स्थानों में निर्माण कार्य के लिए 349.23 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत है, जिसमें 19 कार्य प्रगतिरत है, वहीं 2 कार्यदर स्वीकृति की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है. बिलासपुर जिला में 24.95 करोड़ रुपए की कुल लागत से 75 बेड क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण प्रगति पर है.




