रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘दिमागी नक्सली’ बयान को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रधानमंत्री और भाजपा से इस बयान पर माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सीधे तौर पर देश के युवाओं को ‘दिमागी नक्सली’ कहा है। बैज ने भाजपा को नक्सलवाद पर ज्ञान देने से पहले कांग्रेस के संघर्ष को याद करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद का दर्द कांग्रेस ने सबसे ज्यादा झेला है।
वंदे मातरम् पर बहस की चुनौती स्वीकार
वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस की भूमिका पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर की बहस की चुनौती को दीपक बैज ने स्वीकार किया। उन्होंने चंद्राकर को पलटकर खुली चुनौती देते हुए कहा कि बहस से पहले वे बताएं कि 52 साल तक तिरंगा क्यों नहीं फहराया गया। बैज ने यह भी सवाल उठाया कि तिरंगे को भाजपा के पूर्वजों ने अशुभ क्यों बताया था और अंग्रेजों से माफी किसने मांगी थी तथा उनसे पेंशन क्यों ली गई।
कमल विहार फेस-2 को लेकर सरकार पर निशाना
रायपुर में कमल विहार फेस-2 प्रोजेक्ट लाने की सरकार की तैयारी पर भी बैज ने सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का उद्देश्य गरीबों को आवास उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ऐसे क्षेत्र में योजना लाना है जहां बड़े नेताओं, उनके करीबियों और अधिकारियों की जमीनें हैं। बैज ने आरोप लगाया कि प्रोजेक्ट के जरिए जमीनों के दाम बढ़ाकर सरकार के करीबी लोगों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना से गरीबों को कोई लाभ नहीं होगा।
यूथ कांग्रेस चुनाव पर भाजपा के पोस्टर को लेकर पलटवार
छत्तीसगढ़ यूथ कांग्रेस चुनाव को लेकर भाजपा द्वारा सोशल मीडिया पर जारी पोस्टर पर भी दीपक बैज ने प्रतिक्रिया दी। पोस्टर में भूपेश बघेल और देवेंद्र यादव गुट के बीच कथित आरोप-प्रत्यारोप को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा गया था। बैज ने कहा कि कांग्रेस में मनोनयन की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाने से पहले भाजपा को अपनी व्यवस्था देखनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रम फैलाना भाजपा की फितरत बन चुकी है। बैज ने कहा कि कांग्रेस एक लोकतांत्रिक पार्टी है और उसमें लोकतंत्र आज भी जिंदा है।




