Khabarwaad Kusmi: आकाशीय बिजली गिरने से एक ग्रामीण की मौत हो गई। ग्रामीण की मौत होने से गांव में हड़कंप मच गया। वहीं, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के मुताबिक ग्राम पंचायत सामरी के पश्चिम पारा में एक 37 वर्षीय व्यक्ति की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। जिससे सामरीपाठ में मातम पसर गया। मृतक विद्या चरण नागेसिया पंच पति था। सूचना मिलते ही तहसीलदार शशिकांत दुबे ने 10 हजार रुपए की तत्कालीन सहायता दी। साथ ही 4 लाख रुपए का मुआवजा राशि देने का आश्वासन दिया।
क्यों चमकती है आकाशीय बिजली?
वैज्ञानिक बेंजामिन फ्रेंकलिन ने पहली बार 1872 में बिजली चमकने का सही कारण बताया था. उन्होंने बताया कि आसमान में बादलों में पानी के छोटे-छोटे कण होते हैं, जो वायु की रगड़ के कारण आवेशित हो जाते हैं. कुछ बादलों पर पॉजिटिव चार्ज आ जाता है और कुछ पर निगेटिव. जब दोनों तरह के चार्ज वाले बादल एक-दूसरे से रगड़ खाते हैं तो उनके मिलने से लाखों वोल्ट की बिजली पैदा होती है. कभी-कभी यह बिजली इतनी ज्यादा होती है कि पृथ्वी तक पहुंच जाती है. इसे ही बिजली का गिरना कहते हैं.
यहां रहता है खतरा
जब बिजली गिरती है तो अक्सर जानलेवा साबित होती है. बिजली गिरने का खतरा सबसे ज्यादा खेतों में काम करने वाले, पेड़ों के नीचे खड़े होने वाले, तालाब में नहाते समय और इसके अलावा मोबाइल फोन सुनने वाले व्यक्ति पर ज्यादा रहता है. वैज्ञानिकों के मुताबिक, मोबाइल फोन से अल्ट्रावायलेट किरणें निकलती हैं, जो आसमानी बिजली को अपनी ओर खींचती हैं.
पेड़ और खंभे के आसपास रहता है खतरा
बिजली की प्रॉपर्टी होती है की वो सबसे छोटा रास्ता चुनती है. ऐसे में जब आसमानी बिजली जमीन की ओर आती है तो बिजली के ऊंचे खंभे इसे कंडक्टर मुहैया करने का काम करते हैं. इसलिए बिजली के खंभों के आसपास बिजली ज्यादा गिरती है. बिजली कड़क रही हो तो सबसे सेफ आपका घर है, अगर आप किसी पेड़ के नीचे खड़े हैं तो ऐसा करना खतरनाक हो सकता है. इस स्थिति में बिजली गिरने के अलावा तूफान में पेड़ के टूटने का भी खतरा रहता है.
यह भी पढ़े:
तहसील कार्यालय में पदस्थ क्लर्क की मिली लाश, इलाके में मचा हडकंप
राज्य सरकार ने IPS डीएम अवस्थी को ACB-EOW के अतिरिक्त प्रभार से किया मुक्त, आदेश जारी




