JOGESHWAR NAG
KHABARWAAD BARSUR. गर्मी शुरू होते ही नगर में पानी की समस्या गंभीर हो जाती है। आम लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा। यह समस्या नगर पंचायत गठन के बाद से अब तक बढ़ी है। इधर जिला कलेक्टर के निर्देश होने के बाद भी सुविधा को लेकर नगर पंचायत बारसूर के नगर प्रशासन व स्थानीय जनप्रतिनिधि पानी की समस्या को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे नगरवासियों में काफी नाराजगी है।
नगरवासियों को इस समय भीषण गर्मी के साथ-साथ पानी की गंभीर संकट से जूझना पड़ा रहा है। बारसूर के कोई भी चौंक चौराह पर पानी की टेंकर या फिल्टर नहीं दिखाई देगा। यह समस्या नगर पंचायत बारसूर गठन के बाद ज्यादा बढ़ी है। ग्राम पंचायत शासन काल में कम राशि आवंटन के बाद भी नल-जल आपूर्ति सुचारू था। जब से नगर पंचायत बनी है पानी की समस्या और बढ़ती जा रही है। नगर पंचायत प्रशासन इसे गंभीरता से नहीं ले रही। वर्तमान में इंद्रावती नदी फिल्टर के माध्यम से सीधे नगर में पानी आपूर्ति की जा रही है, लेकिन लोगों के घरों तक नहीं पहुंच रहा। एक-दो दिन के अंतराल में पानी की आपूर्ति की जा रही है। लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। नगर में ऐसे भी वार्ड है जहां एक भी हैंडपंप सहीं नहीं है, वे नल-जल आपूर्ति पर आश्रित हैं।
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कई हैंडपंप महीनों से खराब
नगर के चौक-चौराहों पर लगाए गए हैंडपंप महीनों से खराब पड़े हैं। सुधार को लेकर नगर पंचायत स्तर पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। खराब पड़े हैंडपंप को गर्मी के पहले सुधार लिया जाता तो इस तरह की समस्या से नहीं जूझना पड़ता। स्थानीय प्रतिनिधि वार्ड के साथ पक्षपात करने लगे हैं। गिने-चुने वार्डों में पानी टैंकर भेजकर अपना कर्तव्य पूरा कर लेते हैं।
नगर पंचायत अधिकारियों की मिलीभगत
नगर पंचायत बारसूर में आधा से ज्यादा कहीं सरकारी हैंडपंपों में अधिकारियों की मिलीभगत से जनप्रतिनिधियों ने खुद के लिए बोर लगाकर कब्जा कर रखा है। ऐसे अधिकारियों कर्मचारियों को राजनेताओं का संरक्षण प्राप्त हुआ है।




