Close Menu
KhabarwaadKhabarwaad
    Top Posts

    कलेक्टर जन-दर्शन में आत्मदाह की कोशिश, पत्नी-बच्चे थे संग… इच्छा मृत्यु की थी मांग

    June 2, 2026

    वीर जवानों के सम्मान के लिए अबूझमाड़ के दुर्गम जंगलों में पहुंचे डॉ. प्रेमा साई महाराज

    June 2, 2026

    चोरी करते पकड़ाया राजीव पंजियारा, FIR दर्ज, कॉपीराइट सामग्री के अवैध प्रसारण मामले में कभी भी हो सकती है गिरफ्तारी 

    June 1, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • कलेक्टर जन-दर्शन में आत्मदाह की कोशिश, पत्नी-बच्चे थे संग… इच्छा मृत्यु की थी मांग
    • वीर जवानों के सम्मान के लिए अबूझमाड़ के दुर्गम जंगलों में पहुंचे डॉ. प्रेमा साई महाराज
    • चोरी करते पकड़ाया राजीव पंजियारा, FIR दर्ज, कॉपीराइट सामग्री के अवैध प्रसारण मामले में कभी भी हो सकती है गिरफ्तारी 
    • छत्तीसगढ़ को मिले नए प्रधान मुख्य वन संरक्षक, अरुण कुमार पांडे बने PCCF एवं वन बल प्रमुख
    • नौतपा का कहर: छत्तीसगढ़ में 45 डिग्री के पार पहुंचा पारा, तीन दिन और झुलसाएगी गर्मी
    • बाल सक्षम नीति के बीच ईंट भट्ठे पर हादसा: ट्रैक्टर पलटने से तीन नाबालिग मजदूर घायल, बालश्रम पर फिर उठे सवाल
    • भाजपा विधायक से ठगी का आरोपी ओडिशा से गिरफ्तार, नेताओं संग फोटो लगाकर रचा था जाल
    • जिला अस्पताल में डॉक्टर गायब, 8 में से सिर्फ 2 मिले ड्यूटी पर; इलाज के लिए भटकते रहे मरीज
    Facebook X (Twitter) Instagram
    KhabarwaadKhabarwaad
    Monday, June 15
    • Home
    • छत्तीसगढ़
      • रायपुर संभाग
      • दुर्ग संभाग
      • बिलासपुर संभाग
      • बस्तर संभाग
      • सरगुजा संभाग
    • मध्यप्रदेश
    • राष्ट्रीय समाचार
    • अपराध
    • राजनीति
    • धर्म एवं समाज
    • अफसरशाही
    • खेल
    • मनोरंजन
    • स्वास्थ्य
    • राशिफल
    • Auto & Gadget
    KhabarwaadKhabarwaad
    Home » दिव्यांग कर्मचारियों को घर के नजदीक मिलेगी पोस्टिंग, हाईकोर्ट ने पदस्थापना-तबादला नीति बनाने सरकार को दिए आदेश

    दिव्यांग कर्मचारियों को घर के नजदीक मिलेगी पोस्टिंग, हाईकोर्ट ने पदस्थापना-तबादला नीति बनाने सरकार को दिए आदेश

    Shrikant BaghmareBy Shrikant BaghmareOctober 6, 2024Updated:October 6, 2024 trending No Comments5 Mins Read
    प्रोफेसरों की डायरेक्ट भर्ती खत्म, हाईकोर्ट का आदेश- प्रमोशन से ही भरे जाएंगे पद

    High court gave orders to the government: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को अलग-अलग विभागों में काम करने वाले दिव्यांग अधिकारी और कर्मचारियों की पोस्टिंग और तबादले के लिए नीति बनाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने यह भी कहा है कि दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016 के अंतर्गत राज्य आयुक्त की नियुक्ति की जाए। कोर्ट के आदेश से दिव्यांग कर्मियों के तबादले और पोस्टिंग में उनके अधिकारों का पूरा संरक्षण होगा, इसलिए यह उनके लिए लाभकारी होगा।

    कर्मचारियों के संबंध में नीति बनाने का आदेश
    एक मामले की सुनवाई के बाद जस्टिस पीपी साहू की एकलपीठ ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दिया। साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार को दिव्यांग अधिकारियों और कर्मचारियों के संबंध में नीति बनाने और कमिश्नर नियुक्त करने का आदेश दिया। आदेश में लिखा गया है कि धारा 80 के तहत आयुक्त को अलग-अलग सक्षम व्यक्तियों के अधिकारों के हनन के संबंध में खुद से विचार करना होगा।

    Read Also-  छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई से मंडरा रहा बारिश का साया, IMD ने जारी किया मौसम अपडेट

    दिव्यांगों को पसंदीदा जगह पोस्टिंग
    High court gave orders to the government:  जस्टिस पीपी साहू ने अपने आदेश में लिखा कि सुप्रीम कोर्ट ने दिव्यांग कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादलों के संबंध में कहा है कि शारीरिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों की स्वतंत्र और आसानी से घूमने में असमर्थता उनके लिए बाधा बनती है। दिव्यांग व्यक्तियों के समक्ष आने वाली कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए, देश भर की राज्य सरकारों को 20 जुलाई 2000 को एक अधिसूचना जारी करने का निर्देश दिया गया था, ताकि दिव्यांग व्यक्तियों को यथासंभव उनकी पसंद के स्थानों पर तैनात किया जा सके।

    कोर्ट के आदेश के अनुसार, दिव्यांग व्यक्तियों को दिए जाने वाले इस लाभ का उद्देश्य अन्य बातों के अलावा दिव्यांग व्यक्तियों को ऐसी जगह पर तैनात करना है। जहां उन्हें आसानी से मदद मिल सके। साथ ही उन्हें सरकारी कामकाज करने में किसी तरह की परेशानी न हो।

    Read Also-  सबसे बड़ी मुठभेड़ में टूटी नक्सलियों की कमर – पूर्व सीएम रमन सिंह

    घर के करीब पोस्टिंग
    कोर्ट के आदेश में कहा गया है कि लंबी दूरी की यात्रा से बचने के लिए निवास से दूरी एक प्रासंगिक विचार हो सकता है। सरकारी आदेश के माध्यम से दिव्यांगों को जो लाभ दिया गया है, उसे ऐसे नियमों और शर्तों पर लाभ प्राप्त करने के अधिकार के प्रयोग के अधीन कर के नहीं छीना जा सकता है, जिससे लाभ निरर्थक हो जाएगा।

    बेमेतरा के RSI के तबादले से उठा मुद्दा
    दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों तथा उन्हें संरक्षण देने वाले सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पीछे बेमेतरा नगर पालिका के RSI (सहायक राजस्व निरीक्षक) के तबादले के खिलाफ संघर्ष से शुरू हुआ।

    दरअसल, सचिव नगरीय प्रशासन ने 12 सितंबर 2023 याचिकाकर्ता RSI का तबादला नगर पालिका परिषद कुम्हारी, जिला दुर्ग कर दिया था। इस आदेश को उन्होंने 21 अगस्त 2024 को चुनौती, जिसके तहत उसे वर्तमान पदस्थापना वाली जगह से हटाकर स्थानांतरित स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने के लिए कहा गया।

    Read Also-  CMO ममता चौधरी निलंबित, जानिए क्या है पूरा मामला?

    याचिकाकर्ता के अधिवक्ता संदीप दुबे ने जस्टिस पीपी साहू के सिंगल बेंच में पैरवी करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता को प्रारंभ में शारीरिक रूप से विकलांग श्रेणी के तहत नगर पालिका परिषद बेमेतरा में भृत्य के पद पर नियुक्त किया गया था। वह 70 प्रतिशत चलने-फिरने में अक्षम है (एक हाथ पूरी तरह से कटा हुआ है)।

    खुद से विचार करना होगा
    कोर्ट का कहना है कि दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत राज्य में एक राज्य आयुक्त की नियुक्ति की जानी है और धारा 80 के तहत आयुक्त को अलग-अलग सक्षम व्यक्तियों के अधिकारों के हनन के संबंध में खुद से विचार करना होगा। राज्य शासन के अधिवक्ता का कहना था कि विवादित स्थानांतरण आदेश एक वर्ष पूर्व जारी हुआ था और रिलीविंग आदेश जारी होने के बाद ही याचिकाकर्ता ने स्थानांतरण आदेश और रिलीविंग आदेश दोनों को चुनौती देते हुए यह याचिका दायर की है।

    Read Also-  बस्तर IG पी सुंदरराज की प्रेस कॉन्फ्रेंस: सुरक्षा बल ने मुठभेड़ में 1 करोड़ 30 लाख के 16 इनामी नक्सलियों को किया ढेर, अन्य की शिनाख्त जारी

    ऐसे मिली राहत
    High court gave orders to the government:  जस्टिस पीपी साहू ने अपने आदेश में लिखा है कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय और याचिकाकर्ता की रिट याचिका में उठाए मुद्दों के मद्देनजर स्थानांतरण आदेश पर रोक लगाने के आदेश दिए गए हैं। आदेश के साथ ही याचिकाकर्ता को नगर पालिका परिषद बेमेतरा में कार्य करने की अनुमति दे दी गई है।

    साथ ही याचिकाकर्ता को 10 दिवस के भीतर सचिव नगरीय प्रशासन के समक्ष समस्त दस्तावेजों के साथ अभ्यावेदन प्रस्तुत करना होगा। न्यायालय ने यह भी कहा है कि याचिकाकर्ता अभ्यावेदन प्रस्तुत करता है तो सचिव नगरीय प्रशासन उस पर विधि अनुसार विचार कर निर्णय लेंगे। सचिव नगरीय प्रशासन विभाग को अभ्यावेदन प्राप्ति की तिथि से चार सप्ताह की अवधि में अभ्यावेदन का निराकरण करना होगा।

    • Get News Portal Website @Rs.5999 | WhatsApp on +91 8871571321
    • Get Web Hosting @Rs49 | Visit - HostRT.in
    breaking news cg hindi news cg latest news cg news cg news live chhattisgarh news chhattisgarhi news hindi news latest news mp news news today
    Share. Facebook Twitter LinkedIn Email Telegram WhatsApp
    Shrikant Baghmare
    • Website

    Keep Reading

    मातृत्व अधिकार पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: गर्भपात के बाद दोबारा मां बनने पर भी मिलेगा पूरा मातृत्व अवकाश

    दलदल में फंसा हाथी शावक, मां रातभर बचाने की कोशिश करती रही… रायगढ़ में फिर गई एक मासूम जान

    रिश्तों में जहर: घरेलू कलह ने पति-पत्नी को पहुंचाया खून-खराबे तक

    एक धमाका… और सब खत्म: फ्रिज ब्लास्ट से लगी आग में बुजुर्ग महिला की दर्दनाक मौत, परिवारों के लिए चेतावनी बन गया हादसा

    मछली के इंतजार में बैठे थे मछुआरे, जाल से निकला सात फीट का मेहमान… तालाब किनारे मच गया हड़कंप

    माटी की बेटियाँ, समाज की आवाज: जल, जंगल और जमीन की लड़ाई से नेतृत्व तक का सफर

    Add A Comment

    Comments are closed.

    Khabarwaad Vacancy

    Pages

    • Home
    • About Us
    • Privacy Policy
    • Contact Us

    Categories

    • छत्तीसगढ़
    • मध्यप्रदेश
    • राष्ट्रीय समाचार
    • अपराध
    •  
    • खेल
    • राजनीति
    • धर्म एवं समाज
    • मनोरंजन

    Owner / Editor Details :- 

    Name :- Shrikant Baghmare

    Contact :- 6264 390 985

    Email :- khabarwaadnews@gmail.com

     

    © 2026 Maintained By RTISPL
    • Home
    • About Us
    • Privacy Policy
    • Terms of service
    • Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.