आशीष पदमवार. Naxalites surrendered in Sukma: छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित “नक्सल सदस्य मुक्त ग्राम पंचायत” अभियान एवं “नियद नेल्ला नार” योजना के तहत सुकमा जिले में एक बड़ी सफलता हासिल हुई है। माड़ और नुआपाड़ा डिवीजन में सक्रिय 22 नक्सलियों जिनमें एक नक्सल दंपति समेत 9 महिलाएं शामिल हैं ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा से जुड़ने का फैसला किया है। यह आत्मसमर्पण आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय, जिला सुकमा में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हुआ, जिसमें नक्सलियों ने बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया।
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40 लाख 50 हजार रुपये का था इन नक्सलियों पर इनाम
Naxalites surrendered in Sukma: इन आत्मसमर्पित नक्सलियों पर शासन द्वारा कुल ₹40 लाख 50 हजार का इनाम घोषित था। इनमें 2 नक्सलियों (1 पुरुष, 1 महिला) पर ₹8-8 लाख, 2 पर ₹5-5 लाख, 7 नक्सलियों (2 पुरुष, 5 महिला) पर ₹2-2 लाख तथा 1 नक्सली पर ₹50 हजार का इनाम घोषित था।
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आत्मसमर्पण के पीछे शासन की योजनाओं का असर
Naxalites surrendered in Sukma: “छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति 2025” और “नियद नेल्ला नार” जैसी योजनाओं ने इन नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने हेतु प्रेरित किया। इसके अलावा, अंदरूनी संवेदनशील क्षेत्रों में निरंतर स्थापित हो रहे सुरक्षा कैंपों, पुलिस के बढ़ते प्रभाव और नक्सली संगठनों की अमानवीय, शोषणकारी तथा भेदभावपूर्ण नीतियों से तंग आकर भी नक्सलियों ने संगठन छोड़ने का फैसला लिया।




