भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने अंगदान और देहदान जैसे महान कार्य करने वाले नागरिकों को अब राज्य स्तर पर सम्मानित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस पहल के तहत ऐसे महापुरुषों को मरणोपरांत गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी जाएगी और उनके परिजनों को स्वतंत्रता दिवस एवं गणतंत्र दिवस के अवसर पर सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाएगा।
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इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा आदेश जारी कर दिए गए हैं। आदेश के अनुसार, जिन नागरिकों ने मृत्यु के उपरांत अपने अंग जैसे हृदय, लीवर, गुर्दा आदि दान किए हैं या जिन्होंने देहदान किया है, उन्हें जिले स्तर पर आयोजित होने वाले राष्ट्रीय पर्वों के कार्यक्रमों में विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।
प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस निर्णय की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा करते हुए लिखा:
“मृत्यु के बाद जीवन का उपहार देना… यह केवल दान नहीं, अमरता है। मध्यप्रदेश सरकार का संकल्प है कि देहदान अथवा हृदय, लीवर व गुर्दा दान करने वाले महान लोगों को गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी जाएगी, साथ ही उनके परिजनों को 26 जनवरी एवं 15 अगस्त को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाएगा।”
मुख्यमंत्री ने इस फैसले को अमरता का उत्सव बताया और इसे समाज के लिए प्रेरणास्रोत माना। उनका कहना है कि यह सम्मान न केवल अंगदान करने वाले व्यक्तियों की निस्वार्थ भावना का सम्मान है, बल्कि इससे समाज में अंगदान को लेकर जागरूकता भी बढ़ेगी।




