झालावाड़, राजस्थान। जिले के पिपलौद गांव में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में सात मासूम बच्चों की जान चली गई और दर्जनभर से ज्यादा घायल हो गए। हादसा उस वक्त हुआ जब सरकारी हाई प्राइमरी स्कूल की 78 साल पुरानी छत अचानक गिर गई। उस समय बच्चे स्कूल परिसर में प्रार्थना सभा के लिए एकत्रित थे।
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स्थानीय लोगों के मुताबिक, स्कूल की दीवारें और छत पहले से ही जर्जर हालत में थीं। कई बार शिकायत और चेतावनी के बावजूद प्रशासन की अनदेखी जारी रही, जिसके चलते आखिरकार वही हुआ जिसका डर था।
गांववालों की मदद से बच्चों को मलबे से बाहर निकाला गया और घायलों को तत्काल पास के स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। हादसे के वक्त शिक्षक पास में बैठकर नाश्ता कर रहे थे।
एक छात्रा वर्षा ने बताया कि छत से पहले कंकड़ गिरने लगे थे, बच्चों ने शिक्षकों को जानकारी दी, लेकिन डांटकर चुप बैठा दिया गया। कुछ ही पलों में पूरी छत भरभरा कर गिर गई।
इस गंभीर लापरवाही को लेकर पांच शिक्षकों और पांच शिक्षा विभाग के अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने घटना पर गहरा शोक जताते हुए कहा कि यह बेहद पीड़ादायक है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।




