उत्तरकाशी: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में मंगलवार सुबह बादल फटने से आई भयावह बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। दर्जनों घर, होटल और धराली बाजार मलबे में तब्दील हो गए हैं। सेना, NDRF, SDRF, और ITBP की टीमें युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्यों में जुटी हैं, लेकिन कीचड़, लगातार बारिश, और टूटी संचार व्यवस्था ने रेस्क्यू ऑपरेशन को बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
जलप्रलय ने मचाया कोहराम
खीर गंगा नाले में अचानक बढ़े जलस्तर ने मलबा, पत्थर, और पानी का सैलाब गांव में घुसा दिया। कई घर और होटल पूरी तरह बह गए या क्षतिग्रस्त हो गए। 163 से अधिक सड़कें, जिनमें 5 राष्ट्रीय राजमार्ग, 7 राज्य राजमार्ग, और 2 बॉर्डर रोड शामिल हैं, बंद हो चुकी हैं। बिजली और मोबाइल नेटवर्क ठप होने से प्रभावित लोगों से संपर्क करना मुश्किल हो गया है।
रेस्क्यू ऑपरेशन की प्रमुख चुनौतियां
बचाव दल प्राकृतिक आपदा से ज्यादा अब मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों से जूझ रहे हैं। प्रमुख रुकावटें इस प्रकार हैं:
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कीचड़ और मलबा: तेज बहाव के बाद गांव में कई फीट मोटी गाद, स्लिट, और मलबा जमा हो गया है। बचाव दलों को लोगों तक पहुंचने से पहले इसे हटाना पड़ रहा है, जिससे राहत कार्य धीमा हो गया है।
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खराब मौसम: रुक-रुककर हो रही बारिश और भूस्खलन का खतरा रेस्क्यू में बाधा बन रहा है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे स्थिति और जटिल हो सकती है।
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रात का अंधेरा और बिजली की कमी: गांव में बिजली पूरी तरह ठप है। रात का अंधेरा और घने बादल बचाव कार्यों को मुश्किल बना रहे हैं। टीमें टॉर्च और सीमित संसाधनों के साथ काम कर रही हैं।
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दुर्गम रास्ते: धराली के पहाड़ी भूगोल में संकरे और जोखिम भरे रास्ते पहले से ही चुनौतीपूर्ण थे। अब टूटी सड़कों और पुलों ने राहत दलों की पहुंच को और कठिन कर दिया है।
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संचार व्यवस्था ठप: मोबाइल नेटवर्क और संचार साधनों के पूरी तरह बाधित होने से प्रभावित लोगों की सटीक जानकारी जुटाना मुश्किल हो रहा है।
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हेलिकॉप्टर राहत में बाधा: खराब मौसम और क्षतिग्रस्त हेलिपैड के कारण हवाई राहत कार्य शुरू नहीं हो सका। AIIMS ऋषिकेश में बेड तैयार हैं और एंबुलेंस रवाना की गई हैं, लेकिन हवाई मार्ग से लोगों को निकालना संभव नहीं हो रहा।
केंद्र और राज्य सरकार का समर्थन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने केंद्र से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आंध्र प्रदेश का दौरा रद्द कर देहरादून लौटकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “धराली में बादल फटने की घटना अत्यंत दुखद है। प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में पूरी तत्परता से जुटा है। प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद दी जाएगी।” सीएम ने अधिकारियों को राहत और पुनर्वास कार्यों में कोई कमी न बरतने के निर्देश दिए हैं।
राहत कार्यों की स्थिति
रेस्क्यू टीमों ने कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है और घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। स्थानीय मंदिरों और आश्रमों को राहत शिविरों में तब्दील किया गया है। प्रशासन ने फंसे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को निकालने के लिए वैकल्पिक रास्तों की तलाश शुरू कर दी है।
मौसम विभाग की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में अगले 24 घंटों तक भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनी जारी की है। लोगों से नदी-नालों से दूर रहने और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
स्थानीय लोगों में भय
धराली और आसपास के गांवों में भय और सदमे का माहौल है। यह आपदा उत्तराखंड में प्राकृतिक चुनौतियों और राहत कार्यों की जटिलता को उजागर करती है। प्रशासन और बचाव दल हर बीतते पल के साथ लोगों की जान बचाने के लिए कठिन परिस्थितियों में काम कर रहे हैं।




