नई दिल्ली। भारत सरकार ने अमेरिका को जाने वाली अधिकांश डाक सेवाओं को 25 अगस्त से अस्थायी तौर पर बंद करने का फैसला लिया है। यह कदम अमेरिकी सरकार के हालिया आदेश के बाद उठाया गया है, जिसमें 800 अमेरिकी डॉलर तक के आयातित सामानों पर दी जा रही टैरिफ छूट को समाप्त कर दिया गया है।
अमेरिका का नया आदेश
अमेरिकी सरकार के आदेश के अनुसार, 29 अगस्त 2025 से अमेरिका में प्रवेश करने वाले सभी सामान इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमी पॉवर एक्ट (IEEPA) के तहत सीमा शुल्क आकर्षित करेंगे। हालांकि, 100 अमेरिकी डॉलर तक की वस्तुएं टैरिफ छूट के दायरे में रहेंगी।
CBP ने जारी किए निर्देश
अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा (CBP) ने 15 अगस्त को दिशानिर्देश जारी करते हुए कहा कि इंटरनेशनल डाक नेटवर्क या एयरलाइंस के माध्यम से आने वाले सभी शिपमेंट्स पर टैरिफ वसूला जाएगा। इसके भुगतान की जिम्मेदारी एयरलाइंस या अधिकृत एजेंसियों की होगी। हालांकि, टैक्स कलेक्शन और उसके भुगतान की अंतिम व्यवस्था अभी स्पष्ट नहीं है।
भारत सरकार का फैसला
तकनीकी और परिचालन चुनौतियों के चलते अमेरिका जाने वाली एयरलाइंस ने 25 अगस्त से डाक खेप स्वीकार करने में असमर्थता जताई है। इस परिस्थिति को देखते हुए भारत के डाक विभाग ने 25 अगस्त से अमेरिका जाने वाली सभी प्रकार की डाक वस्तुओं की बुकिंग अस्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया है। फिलहाल केवल 100 अमेरिकी डॉलर तक के पार्सल और दस्तावेज ही भेजे जा सकेंगे।




