नई दिल्ली। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दुनिया को कड़ा संदेश दिया है। सोमवार को उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी देश अमेरिकी टेक कंपनियों पर डिजिटल सर्विस टैक्स या उससे जुड़े नियम लागू करेंगे, उनके खिलाफ अमेरिका भारी-भरकम टैरिफ लगाएगा और चिप निर्यात पर रोक लगा देगा।
‘अमेरिकी कंपनियों को निशाना बनाना बर्दाश्त नहीं’
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर लिखा कि वह अमेरिका की “शानदार टेक कंपनियों” के खिलाफ होने वाले किसी भी हमले को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि डिजिटल टैक्स और डिजिटल मार्केट रेगुलेशन जैसे नियम, अमेरिकी तकनीक को नुकसान पहुँचाने और भेदभावपूर्ण नीतियां लागू करने के लिए बनाए गए हैं।
‘चीन को छूट, अमेरिका पर सख्ती’
ट्रंप ने खास तौर पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इन नियमों के जरिए चीन की बड़ी टेक कंपनियों को पूरी छूट दी जाती है, जबकि अमेरिकी कंपनियों को निशाना बनाया जाता है। इसे उन्होंने “नाकाबिले-बर्दाश्त” करार दिया।
‘टेक्नोलॉजी और चिप एक्सपोर्ट पर लगाएंगे बैन’
ट्रंप ने आगे कहा,
“डिजिटल टैक्स और डिजिटल कानून, अमेरिकी टेक्नोलॉजी को नुकसान पहुँचाने के लिए बनाए गए हैं। वे चीन की सबसे बड़ी टेक कंपनियों को छूट देते हैं। यह अब बंद होना चाहिए और अभी बंद होना चाहिए।”
उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका अपने कीमती टेक्नोलॉजी और चिप निर्यात पर प्रतिबंध लगाने से पीछे नहीं हटेगा। साथ ही, डिजिटल टैक्स लागू करने वाले देशों के निर्यात पर अतिरिक्त टैरिफ भी लगाया जाएगा।
वैश्विक तनाव की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप के इस बयान से अमेरिका और यूरोप सहित कई देशों के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ सकता है, क्योंकि यूरोपीय संघ और कुछ एशियाई देश पहले से ही डिजिटल सर्विस टैक्स पर जोर दे रहे हैं।




