नई दिल्ली। करोड़ों निवेशकों की फंसी हुई मेहनत की कमाई वापस मिलने की उम्मीद जगी है। सहारा ग्रुप ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की है, जिसमें अपनी 88 से अधिक बड़ी संपत्तियों को एकमुश्त Adani Properties Pvt. Ltd. को बेचने की अनुमति मांगी गई है। अगर यह मंजूर हो जाता है, तो निवेशकों को उनका पैसा वापस मिलने की प्रक्रिया और तेज हो सकती है।
निवेशकों की फंसी रकम
सहारा ग्रुप के विवाद लंबे समय से निवेशकों की चिंता का विषय रहे हैं। साल 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि सहारा कंपनियों को निवेशकों का पैसा लौटाना होगा। आंकड़ों के अनुसार, सहारा ग्रुप में करीब 13 करोड़ निवेशकों का ₹1.12 लाख करोड़ से अधिक फंसा हुआ है।
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फिलहाल SEBI-सहारा एस्क्रो अकाउंट में लगभग ₹26,250 करोड़ जमा हैं। पिछले दो साल में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर निवेशकों को ₹5,053 करोड़ लौटाए जा चुके हैं। निवेशकों ने Sahara Cooperative Societies में जमा राशि पर प्राथमिकता के आधार पर रिफंड भी प्राप्त किया है।
बिक्री में कौन-कौन सी संपत्तियां शामिल हैं?
सहारा ग्रुप की जिन संपत्तियों की बिक्री की चर्चा है, उनमें शामिल हैं:
- Aamby Valley City, पुणे – 8,810 एकड़ में फैला टाउनशिप प्रोजेक्ट
- Hotel Sahara Star, मुंबई – एयरपोर्ट के पास
- Sahara City, लखनऊ
- Sahara Ganj Mall, लखनऊ
- इसके अलावा महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, झारखंड, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और उत्तराखंड में कई बड़ी जमीनें और प्रॉपर्टीज। कुछ संपत्तियां पहले ही जांच एजेंसियों जैसे ED के अटैच में हैं।
सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई
संपत्तियों की बिक्री के मामले की अगली सुनवाई 14 अक्टूबर 2025 को होगी। कोर्ट से मंजूरी मिलने के बाद निवेशकों के पैसे लौटाने की प्रक्रिया को तेजी मिल सकती है।
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रिफंड के लिए कैसे करें आवेदन?
निवेशक अपना दावा सरकार के बनाए Sahara Refund Portal पर दर्ज कर सकते हैं। अब तक लगभग 26 लाख निवेशकों को ₹5,053 करोड़ लौटाए जा चुके हैं। इसके अलावा, 13.34 लाख नए निवेशकों ने ₹27,849 करोड़ के क्लेम किए हैं। अनुमान है कि दिसंबर 2026 तक करीब 32 लाख निवेशक अपना दावा करेंगे।
डेडलाइन बढ़ी, निवेशकों को नई उम्मीद
पहले निवेशकों के पैसे लौटाने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2025 थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ा दिया है, जिससे लाखों निवेशकों को अपने पैसे वापस पाने की नई उम्मीद जगी है।




