रायपुर। सूदखोरी और रंगदारी के आरोपों में गिरफ्तार वीरेंद्र सिंह तोमर का जुलूस निकालने पर देशभर में क्षत्रिय समाज के बीच आक्रोश फैल गया है। क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत ने इस कार्रवाई को क्षत्रिय समाज का अपमान बताते हुए छत्तीसगढ़ सरकार और पुलिस प्रशासन को खुली चेतावनी दी है।
डॉ. शेखावत ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर करीब एक घंटे तक लाइव आकर कहा, तोमर कोई आतंकवादी था क्या, जिसका जुलूस निकाला गया? पुलिस ने नेताओं के दबाव में आकर एक व्यापारी के साथ अत्याचार किया है। नंगे पैर, हथकड़ियों में जकड़े व्यक्ति को सड़क पर घसीटना मानवता के खिलाफ है। ऐसे पुलिसवालों को डूब मरना चाहिए।
उन्होंने कहा कि क्षत्रिय समाज अब चुप नहीं बैठेगा। जल्द ही लाखों क्षत्रिय रायपुर कूच करेंगे और जिन्होंने निर्दोषों पर अत्याचार किया है, उनके घरों तक पहुंचेंगे।
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शेखावत ने कहा कि वीरेंद्र तोमर अपराधी नहीं, बल्कि एक व्यापारी है। वह जरूरतमंदों को पैसे देता था और वापस मांगता था इसमें अपराध कहां है? उन्होंने सवाल उठाया, जब देश का चाय बेचने वाला प्रधानमंत्री बन सकता है तो अंडे का ठेला लगाने वाला व्यापारी क्यों नहीं बन सकता?
उन्होंने रायपुर पुलिस पर महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार के आरोप लगाते हुए कहा, “टीआई योगेश कश्यप ने माताओं-बहनों को मारा है, उसे शर्म आनी चाहिए। हम उसे भी एहसास दिलाएंगे कि किसी परिवार को तंग करने का दर्द क्या होता है।”
शेखावत ने अपने समर्थकों से अपील की कि सभी क्षत्रिय मजबूत डंडा और केसरिया झंडा लेकर तैयार रहें। यह आंदोलन आर-पार का होगा। उन्होंने रायपुर के एसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह को चेताते हुए कहा, “हम आपके ऑफिस नहीं, घर आएंगे। हमें रोक सको तो रोक लो।
गृहमंत्री विजय शर्मा पर निशाना साधते हुए शेखावत ने कहा, जरूरत पड़ी तो आपके बंगले में भी घुसेंगे। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से पूछ लेना, राज शेखावत कौन है। मैं फौजी हूं, आतंकवादियों को गोली मार चुका हूं, अन्याय नहीं सहूंगा।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब समीर विश्नोई और रानू साहू जैसे बड़े घोटालेबाजों का जुलूस नहीं निकाला गया, तो एक व्यापारी वीरेंद्र तोमर को इस तरह क्यों अपमानित किया गया?
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जानिए क्या है मामला
रायपुर पुलिस ने 9 नवंबर को सूदखोरी, रंगदारी और अवैध हथियार रखने के आरोपों में हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर को गिरफ्तार किया था। कोर्ट में पेशी से पहले उसका जुलूस निकाला गया, जिसमें वह नंगे पैर और फटी बनियान में लंगड़ाते हुए चल रहा था। रास्ते में उसकी तबीयत बिगड़ी और वह बेहोश हो गया।
हालांकि, राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वीरेंद्र सिंह तोमर का संगठन से कोई संबंध नहीं है। करणी सेना एक सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन है, किसी अवैध गतिविधि से नहीं जुड़ा।




