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    Home » कुलदीप सेंगर की सजा निलंबन पर पीड़िता का फूटा गुस्सा, फांसी की मांग, सुरक्षा को लेकर जताया डर

    कुलदीप सेंगर की सजा निलंबन पर पीड़िता का फूटा गुस्सा, फांसी की मांग, सुरक्षा को लेकर जताया डर

    Shrikant BaghmareBy Shrikant BaghmareDecember 28, 2025 राष्ट्रीय समाचार No Comments3 Mins Read

    उन्नाव। निष्कासित भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की सजा निलंबित होने के बाद मचे राजनीतिक और सामाजिक उबाल के बीच माखी कांड की दुष्कर्म पीड़िता का एक बार फिर बयान सामने आया है। पीड़िता ने कहा कि जैसे निर्भया मामले में दोषियों को फांसी दी गई, वैसे ही कुलदीप सेंगर को भी फांसी होनी चाहिए। इस फैसले से देश की बेटियां डर गई हैं और अब उसे अपने परिवार व बच्चों की जान का खतरा महसूस हो रहा है।

    पीड़िता ने कहा कि जब तक जान है, वह यह लड़ाई लड़ती रहेगी। उसने स्पष्ट किया कि वह आत्महत्या नहीं करेगी और अपने परिवार व बच्चों के लिए जीते हुए अंतिम सांस तक सेंगर के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी। उसने कहा कि परिस्थितियां उसे फूलन देवी बनने पर मजबूर कर रही हैं।

    अपने बयान में पीड़िता ने 2027 के चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उसे जानकारी मिली है कि कुलदीप सेंगर अपनी पत्नी को चुनाव लड़ाने की तैयारी कर रहा है। उसने आरोप लगाया कि सेंगर के रिश्तेदार बाहुबली हैं और ऐसे परिवार को यदि भाजपा से टिकट दिया गया तो यह उसके साथ घोर अन्याय होगा।

    पीड़िता ने कहा कि उसके पिता के साथ मारपीट की गई, लेकिन आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने उल्टे उसके पिता को ही दोषी ठहराकर जेल भेज दिया। बाद में उनके पिता की हत्या कर दी गई। इंसाफ के लिए उसे दर-दर भटकना पड़ा। अंततः न्याय हुआ और कुलदीप सेंगर जेल गया, लेकिन जेल जाने के बाद से ही उसके समर्थक और रिश्तेदार उसे बाहर निकालने की कोशिश में लगे रहे, जिसमें वे सफल हो गए।

    पीड़िता ने आशंका जताई कि उसकी हिम्मत तोड़ने के लिए उसके बच्चों को निशाना बनाया जा सकता है। उसने कहा कि उसका एक बच्चा एक साल का, एक दो साल का और एक बच्ची है, जिनकी सुरक्षा को लेकर वह बेहद चिंतित है।

    पीड़िता ने खुले तौर पर आरोप लगाया कि भाजपा के पूर्व सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह कुलदीप सेंगर को बचा रहे हैं। उसने कहा कि उसके साथ सीआरपीएफ के केवल पांच जवान सुरक्षा में रहते हैं, जबकि सेंगर और उसके समर्थकों के लिए यह कोई बड़ी बात नहीं है। उसने गंभीर आशंका जताई कि उसे नुकसान पहुंचाने के लिए उसकी गाड़ी तक उड़ाई जा सकती है।

    पीड़िता के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के पूर्व सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह ने कहा कि कुलदीप सेंगर को सजा न्यायपालिका ने ही दी थी और उसी न्यायपालिका ने समीक्षा के बाद सजा निलंबित की है। उन्होंने कहा कि देश भावनाओं या नैतिकता से नहीं, बल्कि कानून से चलता है। न्यायालय के आदेश का सम्मान होना चाहिए और असहमति होने पर उच्च न्यायालय या सुप्रीम कोर्ट का रुख करना चाहिए, न कि धरना-प्रदर्शन या बयानबाजी करनी चाहिए।

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