रायपुर। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार EbixCash के चेयरमैन विकास गर्ग को बुधवार को रायपुर की विशेष पीएमएलए (PMLA) अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें 10 दिनों की ईडी रिमांड पर भेज दिया। अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) उन्हें 24 जुलाई को दोबारा अदालत में पेश करेगा।
अदालत के आदेश के बाद ईडी की टीम विकास गर्ग को अपने साथ लेकर रवाना हो गई। रिमांड अवधि के दौरान एजेंसी उनसे महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप नेटवर्क, कथित मनी लॉन्ड्रिंग, हवाला लेन-देन, निवेश के स्रोत और अन्य आरोपियों से जुड़े वित्तीय लेन-देन समेत कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर पूछताछ करेगी।
इससे पहले ईडी ने विकास गर्ग को दिल्ली स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया था। ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाने के बाद एजेंसी ने विशेष पीएमएलए कोर्ट से 14 दिनों की रिमांड की मांग की थी, लेकिन अदालत ने 10 दिनों की रिमांड मंजूर की।
ईडी का आरोप है कि महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से अर्जित कथित अवैध धन को विकास गर्ग के नियंत्रण वाली विभिन्न कंपनियों में निवेश किया गया। जांच एजेंसी के अनुसार, इसके बाद इस राशि की कई कंपनियों के जरिए लेयरिंग कर शेयरों, प्रतिभूतियों (Securities) और अन्य परिसंपत्तियों के अधिग्रहण में इस्तेमाल किया गया।
जांच के दौरान ईडी पहले ही विकास गर्ग, उनके परिवार के सदस्यों और उनसे जुड़ी कंपनियों की लगभग 940.77 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां अटैच कर चुकी है।
ईडी के मुताबिक, विकास गर्ग विकास इकोटेक लिमिटेड, विकास लाइफकेयर लिमिटेड और एराया लाइफस्पेसेस लिमिटेड के प्रमोटर हैं। एजेंसी का दावा है कि एराया लाइफस्पेसेस लिमिटेड के माध्यम से कथित अवैध धन का उपयोग कर EbixCash में 64 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की गई।
ईडी के विशेष लोक अभियोजक सौरभ पांडेय ने बताया कि अदालत ने विकास गर्ग को 10 दिनों की ईडी रिमांड पर भेजा है। इस दौरान उनसे विस्तृत पूछताछ की जाएगी और 24 जुलाई को उन्हें फिर अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।




