रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) की जर्जर सड़कों का मुद्दा पूरे सदन में छाया रहा। इस दौरान विधानसभा के इतिहास में पहली बार एक ही प्रश्न पर आठ विधायकों को पूरक प्रश्न पूछने की अनुमति दी गई। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इसे सदन का “कीर्तिमान” बताते हुए कहा कि ग्रामीण सड़कों की चिंता सभी सदस्यों की है और इस समस्या का समाधान होना चाहिए।
भाजपा विधायक प्रबोध मिंज ने लुण्ड्रा विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्मित सड़कों की स्थिति को लेकर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री तथा उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा से सवाल किया। उन्होंने क्षेत्र में कुल सड़कों की संख्या, उनके निर्माण वर्ष, जून 2026 तक की वर्तमान स्थिति, जर्जर एवं मरम्मत योग्य सड़कों की संख्या, मरम्मत की समय-सीमा तथा रखरखाव पर हुए खर्च का विवरण मांगा।
जवाब में मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि लुण्ड्रा विधानसभा क्षेत्र में PMGSY के तहत कुल 171 सड़कें हैं। जून 2026 तक के आकलन में इनमें से 31 सड़कें मरम्मत योग्य पाई गई हैं। उन्होंने कहा कि इन सड़कों की मरम्मत और पुनर्निर्माण का कार्य बजट उपलब्धता और प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा, इसलिए अभी कोई निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है। निर्माण, वर्तमान स्थिति और रखरखाव पर हुए व्यय का विस्तृत विवरण सदन के पटल पर रखा गया है।
मंत्री के जवाब से असंतुष्ट प्रबोध मिंज ने पूछा कि ग्रामीण सड़कों की सामान्य आयु कितनी होती है। उन्होंने कहा कि 12 टन भार क्षमता के हिसाब से बनी सड़कों पर इससे अधिक क्षमता वाले भारी वाहन चलने के कारण सड़कें समय से पहले खराब हो रही हैं। इस पर मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सड़क की डिज़ाइन आयु पांच वर्ष होती है। रखरखाव के लिए अलग से राशि नहीं दी जाती, बल्कि निर्माण लागत में ही इसका प्रावधान रहता है। लगभग दस वर्ष बाद सरकार मरम्मत पर खर्च करती है।
मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने आठ विधायकों को पूरक प्रश्न पूछने की अनुमति दी। विधायक धर्मजीत सिंह ने प्रदेशभर में PMGSY की जर्जर सड़कों का सर्वे कराकर शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की। विधायक नीलकंठ टेकाम ने अपने क्षेत्र की लंबित सड़क परियोजना का मामला उठाते हुए जल्द निर्माण शुरू कराने की मांग की। विधायक द्वारिकाधीश यादव, दलेश्वर साहू, कुंवर सिंह निषाद, रायमुनी भगत और सुशांत शुक्ला ने भी अपने-अपने क्षेत्रों की खराब सड़कों का मुद्दा उठाया। विधायक धरमलाल कौशिक ने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़कों की बदहाल स्थिति पर भी सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
चर्चा के समापन पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि एक ही प्रश्न पर आठ विधायकों द्वारा पूरक प्रश्न पूछे जाना सदन के लिए एक नया कीर्तिमान है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सड़कों की स्थिति सभी जनप्रतिनिधियों की साझा चिंता है और सरकार को इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है।




