Close Menu
KhabarwaadKhabarwaad
    Top Posts

    बिलासपुर में 20 साल बाद बाढ़ जैसे हालात, मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त

    July 17, 2026

    राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2026: स्थानीय समस्याओं पर शोध को बढ़ावा, शिक्षकों का राज्य स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित

    July 17, 2026

    स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां शुरू, मुख्यमंत्री रायपुर में फहरायेंगे तिरंगा, जिला व ब्लाक में मंत्री व जनप्रतिनिधि होंगे चीफ गेस्ट

    July 17, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • बिलासपुर में 20 साल बाद बाढ़ जैसे हालात, मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
    • राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2026: स्थानीय समस्याओं पर शोध को बढ़ावा, शिक्षकों का राज्य स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित
    • स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां शुरू, मुख्यमंत्री रायपुर में फहरायेंगे तिरंगा, जिला व ब्लाक में मंत्री व जनप्रतिनिधि होंगे चीफ गेस्ट
    • गृह निर्माण मंडल की समीक्षा बैठक, गुणवत्ता और समयबद्ध निर्माण पर जोर
    • फर्जी दस्तावेजों से निकाला 1.86 करोड़ का लोन, 30 साल बाद EOW ने पेश किया चालान
    • रेलवे विकास में छत्तीसगढ़ को बड़ी उपलब्धि, सरोना सहित तीन पुनर्विकसित स्टेशनों का प्रधानमंत्री ने किया लोकार्पण
    • महादेव मनी लॉन्ड्रिंग केस: विकास गर्ग गिरफ्तार, 24 जुलाई तक ED रिमांड
    • रामगोपाल अग्रवाल की 5 दिन की पुलिस रिमांड बढ़ी, 22 जुलाई तक EOW करेगी पूछताछ
    Facebook X (Twitter) Instagram
    KhabarwaadKhabarwaad
    Friday, July 17
    • Home
    • छत्तीसगढ़
      • रायपुर संभाग
      • दुर्ग संभाग
      • बिलासपुर संभाग
      • बस्तर संभाग
      • सरगुजा संभाग
    • मध्यप्रदेश
    • राष्ट्रीय समाचार
    • अपराध
    • राजनीति
    • धर्म एवं समाज
    • अफसरशाही
    • खेल
    • मनोरंजन
    • स्वास्थ्य
    • राशिफल
    • Auto & Gadget
    KhabarwaadKhabarwaad
    Home » राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2026: स्थानीय समस्याओं पर शोध को बढ़ावा, शिक्षकों का राज्य स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित

    राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2026: स्थानीय समस्याओं पर शोध को बढ़ावा, शिक्षकों का राज्य स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित

    Khabarwaad News DeskBy Khabarwaad News DeskJuly 17, 2026 छत्तीसगढ़ No Comments5 Mins Read

    रायपुर। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन तथा छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (सीकॉस्ट) द्वारा राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार के सहयोग से आयोजित 32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2026 के अंतर्गत जिला समन्वयकों एवं रिसोर्स शिक्षकों के लिए एक दिवसीय राज्य स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन शुक्रवार को रीजनल साइंस सेंटर, रायपुर में किया गया।

    कार्यशाला का उद्देश्य प्रदेशभर के शिक्षकों एवं जिला समन्वयकों को राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की नई थीम, परियोजना निर्माण प्रक्रिया, वैज्ञानिक अनुसंधान पद्धति तथा मूल्यांकन प्रणाली से अवगत कराना था, ताकि अधिकाधिक विद्यार्थी स्थानीय समस्याओं पर आधारित वैज्ञानिक परियोजनाएं तैयार कर राष्ट्रीय स्तर तक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें। कार्यशाला का आयोजन प्रमुख सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग सोनमणी बोरा तथा महानिदेशक, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद एवं रीजनल साइंस सेंटर प्रशांत कविश्वर के मार्गदर्शन में किया गया।

    विद्यार्थियों को विज्ञान एवं अनुसंधान से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच

    राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस देश का एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक कार्यक्रम है, जो 10 से 17 वर्ष आयु वर्ग के विद्यार्थियों को विज्ञान एवं अनुसंधान से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है। इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थी वैज्ञानिक पद्धति अपनाते हुए स्थानीय समस्याओं की पहचान करते हैं, आंकड़ों का संग्रह एवं विश्लेषण करते हैं तथा नवाचार आधारित समाधान प्रस्तुत करते हैं। ब्लॉक, जिला एवं राज्य स्तर पर चयनित बाल वैज्ञानिक राष्ट्रीय स्तर पर अपने राज्य का प्रतिनिधित्व करते हैं।

    विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुसंधान क्षमता और नवाचार आधारित सोच विकसित करना

    इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के वैज्ञानिक ‘ई’ एवं राज्य समन्वयक डॉ. जे. के. राय, वैज्ञानिक ‘डी’ डॉ. ए. के. पाठक, वैज्ञानिक ‘डी’ डॉ. अमित दुबे, राज्य अकादमिक समन्वयक प्रो. (डॉ.) केशव कांत साहू तथा वनस्पति विज्ञान के वरिष्ठ शिक्षाविद डॉ. वी. के. कानूनगो कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी वक्ताओं ने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2026 की थीम “साइंस एंड इनोवेशन फॉर सस्टेनेबिलिटी” की प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि आज की सबसे बड़ी आवश्यकता विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुसंधान क्षमता और नवाचार आधारित सोच विकसित करना है। उन्होंने शिक्षकों एवं जिला समन्वयकों से आग्रह किया कि वे विद्यार्थियों को अपने आसपास की समस्याओं की वैज्ञानिक पहचान कर व्यावहारिक समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित करें।

    राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की रूपरेखा और परियोजना निर्माण की जानकारी

    कार्यशाला में राज्य समन्वयक डॉ. जे. के. राय ने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2026 की संपूर्ण रूपरेखा, पात्रता, परियोजना निर्माण की प्रक्रिया, अनुसंधान पद्धति, दस्तावेजीकरण, प्रस्तुतीकरण एवं मूल्यांकन प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक परियोजनाएं केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रहकर स्थानीय आवश्यकताओं एवं समाजोपयोगी विषयों पर आधारित होनी चाहिए, जिससे विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व भी विकसित हो।

    स्थानीय समस्याओं पर आधारित परियोजनाओं को मिलेगा बढ़ावा

    तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों ने इस वर्ष की थीम के विभिन्न उपविषयों पर विस्तृत प्रस्तुतियां दीं। इनमें R5 तकनीक (Reduce, Reuse, Recover, Redesign एवं Recycle) के माध्यम से कचरा प्रबंधन, E4 मॉडल (Explore, Experiment, Enhance एवं Evolve) के जरिए ऊर्जा संरक्षण एवं नवाचार, जल संचयन, पुनर्चक्रण एवं संरक्षण, तथा खाद्य, कृषि एवं स्वास्थ्य की स्थिरता के लिए भारतीय ज्ञान प्रणालियों के उपयोग जैसे विषय शामिल रहे। विशेषज्ञों ने बताया कि इन विषयों पर विद्यार्थियों द्वारा स्थानीय समस्याओं के समाधान आधारित उत्कृष्ट वैज्ञानिक परियोजनाएं विकसित की जा सकती हैं।

    मिशन लाइफ़ की भावना से जोड़ने का आह्वान

    राज्य अकादमिक समन्वयक प्रो. (डॉ.) केशव कांत साहू ने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की थीम और उसके विभिन्न उपविषयों का विस्तार से परिचय देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को केवल वैज्ञानिक जानकारी देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें अनुसंधान, डेटा संग्रहण, विश्लेषण एवं समाधान आधारित सोच के लिए प्रेरित करना भी आवश्यक है। उन्होंने मार्गदर्शकों को वैज्ञानिक लेखन, परियोजना प्रस्तुतीकरण तथा मूल्यांकन के मानकों से अवगत कराते हुए Mission LiFE की भावना के अनुरूप अधिकाधिक विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

    R5 तकनीक से पर्यावरण संरक्षण का संदेश

    डॉ. वी. के. कानूनगो ने अपने व्याख्यान में R5 सिद्धांतों की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग, अपशिष्ट में कमी, पुनः उपयोग, पुनः डिज़ाइन तथा पुनर्चक्रण की अवधारणा को अपनाकर प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के लिए दैनिक जीवन में इन सिद्धांतों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

    ऊर्जा संरक्षण और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर विशेष जोर

    राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर के सहायक प्राध्यापक डॉ. आयुष खरे ने ऊर्जा के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते उपयोग पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एआई आधारित तकनीकों के माध्यम से ऊर्जा दक्षता बढ़ाने, संसाधनों के बेहतर प्रबंधन तथा स्वच्छ ऊर्जा प्रणालियों के विकास को नई दिशा मिल रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार आधारित अनुसंधान करने का आह्वान किया।

    वैज्ञानिक परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने का आग्रह

    वहीं, प्रो. नमिता ब्राह्मे ने ऊर्जा संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों तथा ऊर्जा दक्ष तकनीकों को सतत विकास की आधारशिला बताते हुए शिक्षकों से विद्यालय स्तर पर ऊर्जा ऑडिट, एलईडी अध्ययन, सौर कुकर एवं अन्य वैज्ञानिक परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को “एनर्जी एम्बेसडर” बनकर समाज में ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलानी चाहिए।

    प्रदेशभर के शिक्षक होंगे वैज्ञानिक प्रतिभाओं के मार्गदर्शक

    कार्यशाला में प्रदेश के सभी 33 जिलों से जिला समन्वयकों एवं रिसोर्स शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2026 के सफल आयोजन तथा अधिक से अधिक बाल वैज्ञानिकों को शोध एवं नवाचार आधारित परियोजनाओं से जोड़ने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। आगामी राज्य स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस में प्रदेशभर से चयनित बाल वैज्ञानिक अपनी शोध परियोजनाओं का प्रदर्शन करेंगे, जिनमें उत्कृष्ट प्रतिभागी राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगे। कार्यशाला में छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद एवं रीजनल साइंस सेंटर के वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों की भी सक्रिय सहभागिता रही।

     

    • Get News Portal Website @Rs.5999 | WhatsApp on +91 8871571321
    • Get Web Hosting @Rs49 | Visit - HostRT.in
    Share. Facebook Twitter LinkedIn Email Telegram WhatsApp
    Khabarwaad News Desk
    • Website

    Keep Reading

    बिलासपुर में 20 साल बाद बाढ़ जैसे हालात, मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त

    स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां शुरू, मुख्यमंत्री रायपुर में फहरायेंगे तिरंगा, जिला व ब्लाक में मंत्री व जनप्रतिनिधि होंगे चीफ गेस्ट

    गृह निर्माण मंडल की समीक्षा बैठक, गुणवत्ता और समयबद्ध निर्माण पर जोर

    फर्जी दस्तावेजों से निकाला 1.86 करोड़ का लोन, 30 साल बाद EOW ने पेश किया चालान

    रेलवे विकास में छत्तीसगढ़ को बड़ी उपलब्धि, सरोना सहित तीन पुनर्विकसित स्टेशनों का प्रधानमंत्री ने किया लोकार्पण

    महादेव मनी लॉन्ड्रिंग केस: विकास गर्ग गिरफ्तार, 24 जुलाई तक ED रिमांड

    Add A Comment

    Comments are closed.

    Khabarwaad Vacancy

    Pages

    • Home
    • About Us
    • Privacy Policy
    • Contact Us

    Categories

    • छत्तीसगढ़
    • मध्यप्रदेश
    • राष्ट्रीय समाचार
    • अपराध
    •  
    • खेल
    • राजनीति
    • धर्म एवं समाज
    • मनोरंजन

    Owner / Editor Details :- 

    Name :- Shrikant Baghmare

    Contact :- 6264 390 985

    Email :- khabarwaadnews@gmail.com

     

    © 2026 Maintained By RTISPL
    • Home
    • About Us
    • Privacy Policy
    • Terms of service
    • Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.