नई दिल्ली। मानसून की बारिश जहां गर्मी से राहत लेकर आई है, वहीं जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) ने स्टमक फ्लू (वायरल गैस्ट्रोएंटेराइटिस) समेत अन्य जलजनित रोगों को लेकर अलर्ट जारी किया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, दूषित पानी और अस्वच्छ खानपान के कारण इस मौसम में पेट से जुड़ी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
दूषित पेयजल बन रहा संक्रमण का प्रमुख कारण
NCDC के मुताबिक, बारिश के दौरान कई जगहों पर सीवेज का पानी पेयजल पाइपलाइनों में मिल जाता है या जलभराव के कारण जल स्रोत दूषित हो जाते हैं। ऐसे पानी के सेवन से स्टमक फ्लू और गैस्ट्रोएंटेराइटिस जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
डॉक्टरों का कहना है कि खुले में बिकने वाला भोजन, कटे हुए फल और असुरक्षित पानी का सेवन संक्रमण का बड़ा कारण बन रहा है। अस्पतालों में उल्टी, दस्त, पेट दर्द और बुखार की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ी है।
NCDC की सलाह
जन स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से मानसून के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। विशेषज्ञों के अनुसार, पीने का पानी उबालकर या अच्छी तरह फिल्टर करके ही इस्तेमाल करें और खुले या बासी खाद्य पदार्थों से बचें। यदि लगातार उल्टी या दस्त की समस्या हो तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।
बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय
- पीने का पानी उबालकर या विश्वसनीय फिल्टर से शुद्ध करके ही पिएं।
- घर का ताजा और गर्म भोजन करें, सड़क किनारे मिलने वाले खुले खाद्य पदार्थों से बचें।
- भोजन करने से पहले और शौचालय के उपयोग के बाद साबुन से हाथ अच्छी तरह धोएं।
- दस्त या उल्टी होने पर शरीर में पानी की कमी से बचने के लिए ओआरएस का सेवन करें और आवश्यकता होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से पानी की टंकियों की नियमित सफाई, स्वच्छता बनाए रखने और जलभराव वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की भी अपील की है।




