रायपुर। स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय छत्तीसगढ़ ने इबोला वायरस के संभावित खतरे को देखते हुए राज्य में सतर्कता बढ़ा दी है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आदेश में एयरपोर्ट परिसर में यात्रियों की स्वास्थ्य जांच, स्क्रीनिंग और आपात प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
जारी पत्र के अनुसार एयरपोर्ट पर आने वाले यात्रियों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग, संदिग्ध मामलों की पहचान, तत्काल सूचना, आइसोलेशन और रेफरल व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही आपातकालीन प्रबंधन को भी मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। यह आदेश स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय के राज्य सर्विलांस अधिकारी (आईडीएसपी) कार्यालय की ओर से जारी किया गया है।
क्या है इबोला वायरस?
इबोला वायरस रोग एक बेहद खतरनाक और जानलेवा वायरल संक्रमण है, जिसे इबोला वायरस डिजीज (EVD) कहा जाता है। यह वायरस इंसानों और जंगली जानवरों दोनों को संक्रमित कर सकता है। इसकी पहचान पहली बार 1976 में अफ्रीकी देशों में हुई थी।
यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के खून, शरीर से निकलने वाले तरल पदार्थ, संक्रमित कपड़ों या शव के संपर्क में आने से फैलता है। कई मामलों में संक्रमित जंगली जानवरों जैसे चमगादड़ और बंदरों से भी संक्रमण फैलने की आशंका रहती है।
कहां-कहां फैल चुका है इबोला?
इबोला के सबसे बड़े प्रकोप अफ्रीकी देशों में देखे गए हैं। खासकर कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, गिनी, सिएरा लियोन, लाइबेरिया और युगांडा में इसके गंभीर मामले सामने आ चुके हैं। वर्ष 2014-16 के दौरान पश्चिम अफ्रीका में फैले इबोला प्रकोप में हजारों लोगों की मौत हुई थी।
कितना खतरनाक है यह वायरस?
इबोला को दुनिया के सबसे घातक वायरसों में गिना जाता है। इसकी मृत्यु दर कई बार 50 से 90 प्रतिशत तक देखी गई है। शुरुआती लक्षण सामान्य बुखार जैसे लगते हैं, लेकिन बाद में स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है।
इबोला के प्रमुख लक्षण
- तेज बुखार
- सिरदर्द और शरीर दर्द
- कमजोरी और थकान
- उल्टी और दस्त
- गले में खराश
- गंभीर मामलों में शरीर के अंदर और बाहर ब्लीडिंग
क्या है इलाज?
इबोला का कोई पूरी तरह निश्चित इलाज अभी तक उपलब्ध नहीं माना जाता, लेकिन समय पर पहचान और इलाज से मरीज की जान बचाई जा सकती है। मरीज को आइसोलेशन में रखकर शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने, ऑक्सीजन सपोर्ट और संक्रमण नियंत्रण का उपचार दिया जाता है। कुछ वैक्सीन और एंटीबॉडी आधारित उपचार भी अब इस्तेमाल में लाए जा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में क्यों बढ़ाई गई सतर्कता?
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की आवाजाही के कारण किसी भी संभावित संक्रमण को शुरुआती स्तर पर रोकना जरूरी है। इसी वजह से एयरपोर्ट पर निगरानी बढ़ाई गई है और अधिकारियों को संदिग्ध मामलों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों से बचें, लेकिन सतर्क रहें। विदेश यात्रा से लौटे किसी व्यक्ति में गंभीर वायरल लक्षण दिखने पर तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचना दें।




