बिलासपुर। धार्मिक नगरी रतनपुर में एक साध्वी और नगर पालिका अध्यक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। साध्वी पद्मिनीपुरी द्वारा नगर पालिका अध्यक्ष लवकुश कश्यप पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद विवाद अब पुलिस प्रशासन तक पहुंच गया है। मामले ने धार्मिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना दिया है।
श्रद्धालुओं के बीच उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया गया
साध्वी पद्मिनीपुरी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए शिकायत पत्र में आरोप लगाया है कि नगर पालिका अध्यक्ष लवकुश कश्यप उनके धार्मिक जीवन और साधना को लेकर लगातार आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रहे हैं। साध्वी का कहना है कि उन्हें शराब और गांजा सेवन करने वाली बताकर श्रद्धालुओं के बीच उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया गया तथा भक्तों को उनके खिलाफ भड़काया गया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
साध्वी ने यह भी कहा कि एक धार्मिक आयोजन में संत-महात्माओं की उपस्थिति के दौरान अध्यक्ष द्वारा उनका हाथ पकड़कर हटाने की कोशिश की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि रतनपुर में उनके तिलक-चंदन धारण करने, धार्मिक अनुष्ठान करने और हनुमान मंदिर में निवास करने तक का विरोध किया जाता है। इससे उनकी धार्मिक स्वतंत्रता और संत परंपरा की गरिमा प्रभावित हो रही है।
उज्जैन से संत दीक्षा प्राप्त करने वाली साध्वी पद्मिनीपुरी वर्तमान में चपोरा स्थित एक मठ में साधना कर रही हैं। उनका कहना है कि लगातार हो रहे विरोध और आरोपों से वे मानसिक रूप से परेशान हैं तथा अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा प्रदान करने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
महिला पहले भी कई लोगों को ब्लैकमेल कर चुकी है
वहीं नगर पालिका अध्यक्ष लवकुश कश्यप ने साध्वी के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें निराधार बताया है। एसपी कार्यालय पहुंचकर उन्होंने भी निष्पक्ष जांच की मांग की। अध्यक्ष का आरोप है कि संबंधित महिला पहले भी कई लोगों को ब्लैकमेल कर चुकी है। उन्होंने दावा किया कि गिरीजानंद हनुमान मंदिर के एक पुजारी को कथित रूप से ब्लैकमेल कर जमीन हासिल की गई थी और बाद में समझौते के नाम पर मामले को समाप्त किया गया।
रतनपुर, जो अपनी प्राचीन धार्मिक परंपराओं और मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है, वहां संत समाज और जनप्रतिनिधि के बीच उपजा यह विवाद अब धार्मिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है। दोनों पक्षों ने पुलिस प्रशासन से न्याय की मांग की है। ऐसे में पूरे मामले की सच्चाई अब जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।




