स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय क्रिकेट टीम ने मैनचेस्टर टेस्ट ड्रॉ कर भले ही हार टाल दी हो, लेकिन एक ऐसा रिकॉर्ड बना लिया जो टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में अब तक कभी नहीं बना था। शुभमन गिल की कप्तानी में टीम इंडिया ने मैनचेस्टर के मैदान पर अपना 10वां टेस्ट खेला, लेकिन जीत का इंतजार अब भी बरकरार है।
1936 से अब तक भारतीय टीम ने ओल्ड ट्रैफर्ड, मैनचेस्टर में कुल 10 टेस्ट मैच खेले हैं। इनमें से चार में उसे हार का सामना करना पड़ा है, जबकि छह मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। यह पहला मौका है जब भारत ने किसी एक मैदान पर 10 टेस्ट खेले हों और एक भी जीत दर्ज न की हो।
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बारबाडोस में भी जीत से कोसों दूर
मैनचेस्टर के अलावा बारबाडोस का मैदान भी भारतीय टीम के लिए ‘अभिशप्त’ साबित हुआ है। भारत ने वहां अब तक 9 टेस्ट मैच खेले हैं, जिनमें से सात में उसे हार मिली है और दो मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम इंडिया पहले मैनचेस्टर में जीत दर्ज करती है या बारबाडोस में इतिहास रचती है।
सीरीज में अब भी बराबरी का मौका
टेस्ट सीरीज की बात करें तो अब तक चार मुकाबले हो चुके हैं। इंग्लैंड ने दो मैच जीतकर बढ़त बनाई है, जबकि भारत ने एक मुकाबला अपने नाम किया और चौथा टेस्ट ड्रॉ रहा। अब 31 जुलाई से सीरीज का आखिरी और निर्णायक मुकाबला खेला जाएगा। अगर भारतीय टीम यह मैच जीत लेती है तो सीरीज 2-2 से बराबर हो जाएगी। वहीं, इंग्लैंड के जीतने या मुकाबला ड्रॉ रहने की स्थिति में सीरीज मेज़बानों के नाम हो जाएगी।




