नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी का नाम ‘शिवसेना’ और धनुष और तीर का पार्टी चिन्ह एकनाथ शिंदे गुट के पास रहेगा। ईसीआई ने कहा कि एकनाथ शिंदे गुट को 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में पार्टी के विजयी वोटों के 76 प्रतिशत के साथ विधायकों का समर्थन प्राप्त था। यह उद्धव ठाकरे के समर्थन के विपरीत था जो केवल 23.5 प्रतिशत था।
गुट ने शिवसेना के संविधान का हवाला दिया और तर्क दिया कि पार्टी प्रमुख एक सदस्य की नियुक्तियों, निलंबन और बर्खास्तगी करने की शक्तियों वाला सर्वोच्च पद है। दूसरी ओर, शिंदे गुट ने कहा कि उसे शिवसेना के कई नेताओं, उप नेताओं, संचार प्रमुखों, राज्य प्रमुखों, जिला प्रमुखों, विधायकों, सांसदों और महापौरों का समर्थन प्राप्त है। चुनाव आयोग का आखिरी फैसला शुक्रवार को आया।
हालांकि यह खबर शिंदे खेमे के लिए जश्न का कारण होगी, लेकिन यह उद्धव गुट के लिए एक बड़ा झटका होगा क्योंकि पार्टी की स्थापना उद्धव ठाकरे के पिता दिवंगत बाल ठाकरे ने की थी।ईसीआई की घोषणा कस्बा और चिंचवाड़ उपचुनाव से पहले भी आई है। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के चुनाव भी इसी साल होने की उम्मीद है।




