रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में कांग्रेस द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव गिरने के बाद वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस “विचार शून्य और अध्ययन शून्य” पार्टी बन गई है। जो सरकार को आईना दिखाने आई थी, उसे ही सत्ता पक्ष ने जवाब देकर बेनकाब कर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीतिक नैतिकता भी सदन में उजागर हो गई।
ओपी चौधरी ने कहा कि कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में महिलाओं से किए गए वादे पूरे नहीं किए और अब महतारी वंदन योजना पर सवाल उठा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार 18 लाख पात्र लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं दिला सकी, जबकि अब उसी मुद्दे पर वर्तमान सरकार को घेरने का प्रयास कर रही है।
वित्त मंत्री ने कहा कि विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर हुई चर्चा में कांग्रेस हर मोर्चे पर कमजोर साबित हुई। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस शुरुआत से ही मुकाबले में पिछड़ गई थी और अंत तक पूरी तरह निरुत्तर रही।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सदन में दिए गए जवाब की सराहना करते हुए चौधरी ने कहा कि उनकी पहचान सरल और सज्जन नेता की है, लेकिन जब राजनीतिक जवाब देने की बात आती है तो उनका अंदाज अलग होता है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री के जवाबों से कांग्रेस के पास कोई ठोस प्रतिवाद नहीं बचा।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर निशाना साधते हुए ओपी चौधरी ने आरोप लगाया कि उन्होंने सरकार को “तानाशाह राजा” की तरह चलाया और आंतरिक सत्ता संघर्ष की कीमत जनता को चुकानी पड़ी। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद आदिवासी समुदाय से राष्ट्रपति बनाने का अवसर नहीं मिला, जबकि भाजपा ने यह कर दिखाया। उन्होंने मुख्यमंत्री साय के भाषण को कांग्रेस पर प्रभावी राजनीतिक जवाब बताया।




