KHABARWAAD KABIRDHAAM. छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने शनिवार को वीडियो कॉल कर कबीरधाम के उस युवा लिवरु उर्फ दिवाकर से बात की जो कभी 14 लाख का इनामी नक्सली था। अब समाज की मुख्यधारा से जुड़कर अपना भविष्य संवारने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए पुलिस के सहयोग से 10वीं की परीक्षा पास कर ली है। उप-मुख्यमंत्री शर्मा ने बड़ी आत्मीयता के साथ लिवरु से बात की। दिवाकर की इस सफलता के लिए हार्दिक बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए उसका हौसला बढ़ाया।
उप-मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा है कि हमारे जो भी भाई बहन रास्ता भटककर नक्सली गतिविधियों से जुड़े हैं, वे लिवरु उर्फ दिवाकर से प्रेरणा लें और मुख्यधारा में लौटकर अपने जीवन में भी सुखद परिवर्तन लाएं। हमारी सरकार और हमारी पुलिस हर तरह से सहयोग करने को तैयार है।
गौरतलब है कि दिवाकर ने महज 16 साल की उम्र में हथियार उठा लिया था। नक्सली के रूप में 17 वर्षों तक जंगल-जंगल भटकने के बाद अपनी पत्नी के साथ पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया था। उनकी पत्नी पर 8 लाख रुपये का इनाम था। सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आज वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर काम कर रहे हैं।
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डिप्टी सीएम ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की नीति से प्रभावित होकर राज्य के नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं और समाज में अपनी एक अलग पहचान बना रहे हैं। उप-मुख्यमंत्री ने इस बात के लिए प्रसन्नता व्यक्त की है कि कबीरधाम पुलिस की पहल और मदद से जिले के नक्सल प्रभावित गांवों के 105 छात्रों ने 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा पास कर ली है। शर्मा ने सभी को बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कबीरधाम पुलिस की सराहना की है।
कबीरधाम पुलिस ने जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र और अति नक्सल प्रभावित गांवों के बच्चों को शिक्षित करने और उनकी पढ़ाई लिखाई जारी रखने के लिए 200 से अधिक बच्चों को कक्षा 10वीं व 12वीं का ओपन परीक्षा का फॉर्म भरावाया था। पुलिस विभाग की कड़ी मेहनत और लगन से आज 105 विद्यार्थी परीक्षा में पास हुए हैं। ये सभी विद्यार्थी नक्सल प्रभावित क्षेत्र के चिल्फी, तरेगाव, रेंगाखार झलमला, बोड़ला के सुदूर वनांचल गांव के हैं।




