रायपुर। ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके करीबी लोगों के घरों पर छापेमारी के बाद विधानसभा में हंगामा देखने को मिला। सदन की कार्रवाई शुरू होते ही कांग्रेस के विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी और वे सीधे गर्भगृह तक पहुंच गए, जिसके परिणामस्वरूप हंगामा करने वाले विधायकों को निलंबित कर दिया गया। इसके बाद कांग्रेस विधायक वॉकआउट कर गए।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि “ईडी की दबिश भाजपा की हताशा का परिणाम है। भाजपा की राजनीति अब जांच एजेंसियों के सहारे चल रही है। सात साल पुराना झूठा केस अदालत में खारिज हो चुका है, लेकिन दुर्भावना से ईडी को मोहरा बना दिया गया।” उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या यह जांच है या राजनीतिक प्रतिशोध?
पूर्व मंत्री उमेश पटेल ने भी भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ईडी की कार्रवाई से कुछ नहीं निकलेगा और कांग्रेस पूरे मुद्दे को लेकर लड़ाई लड़ेगी।
आज सुबह ही ईडी की टीम ने भूपेश बघेल के भिलाई-3 स्थित पदुमनगर में उनके घर पर छापेमारी की, और यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और अन्य मामलों के संदर्भ में की जा रही है। इससे पहले भी छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कई नेता ईडी के रडार पर रहे हैं और कई स्थानों पर लगातार छापेमारी हो रही है।




