कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता एक बार फिर दरिंदगी की घटना से दहल गई है। शहर के एक प्रतिष्ठित लॉ कॉलेज में एक महिला छात्रा के साथ गैंगरेप की वारदात सामने आई है। यह मामला ठीक एक साल पहले आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुई छात्रा से हैवानियत की घटना की याद दिला रहा है, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था। अब ताजा घटना ने न केवल आम लोगों बल्कि सियासी गलियारों में भी हलचल मचा दी है।
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पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपियों में एक कॉलेज का पूर्व छात्र और दो कर्मचारी शामिल हैं। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने कुछ अहम जानकारियां दी हैं, जिनके आधार पर पुलिस आगे की छानबीन में जुटी हुई है। फिलहाल पीड़िता का मेडिकल परीक्षण किया गया है और उसे काउंसलिंग के लिए विशेषज्ञों की देखरेख में रखा गया है।
भाजपा नेता का गंभीर आरोप
इस घटना को लेकर सियासत भी गर्मा गई है। भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने इस घटना को लेकर एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि घटना 25 जून को कोलकाता के उपनगर कस्बा स्थित लॉ कॉलेज में हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें एक तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से जुड़ा व्यक्ति भी शामिल है।
मालवीय ने कहा, “यह बेहद शर्मनाक है कि राज्य के शिक्षण संस्थान अब छात्राओं के लिए सुरक्षित नहीं रह गए हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार को जवाब देना होगा कि आखिर राज्य में महिलाओं की सुरक्षा का क्या हाल है।”
सरकार और पुलिस की प्रतिक्रिया
वहीं, राज्य पुलिस ने फिलहाल टीएमसी सदस्य की संलिप्तता की पुष्टि नहीं की है। कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि “मामले की जांच निष्पक्षता से की जा रही है और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह किसी भी राजनीतिक दल से क्यों न जुड़ा हो।”
यह घटना पश्चिम बंगाल में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। एक ओर जहां राज्य सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ता जा रहा है, वहीं दूसरी ओर पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग पूरे राज्य में तेज हो गई है।




