नई दिल्ली। दुनियाभर में जारी उथल-पुथल के बीच भारत ने अपनी सामरिक ताकत को और मजबूत करते हुए बुधवार को अग्नि-5 मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। यह परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण केंद्र (ITR) से किया गया, जो पूरी तरह सफल रहा। परीक्षण के दौरान मिसाइल ने सभी परिचालन और तकनीकी मानकों को सफलतापूर्वक पूरा किया। यह परीक्षण भारत के स्ट्रैटेजिक फोर्स कमांड की देखरेख में संपन्न हुआ।
अग्नि-5 की ताकत
अग्नि-5 भारत की सबसे शक्तिशाली मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है। यह मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है और इसकी रेंज करीब 5000 किलोमीटर तक है। इसकी जद में पाकिस्तान, चीन समेत एशिया का बड़ा हिस्सा और यूरोप के कुछ इलाके भी आते हैं।
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MIRV तकनीक से लैस
अग्नि-5 में आधुनिक नेविगेशन, मार्गदर्शन, वारहेड और इंजन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे इसकी सटीकता और मारक क्षमता और भी बढ़ जाती है। इसमें MIRV (Multiple Independently Targetable Reentry Vehicle) तकनीक भी मौजूद है। इसके जरिए एक ही मिसाइल कई परमाणु हथियार लेकर अलग-अलग टारगेट को एक साथ निशाना बना सकती है। यह क्षमता बहुत कम देशों के पास है।
DRDO की उपलब्धि
इस मिसाइल का निर्माण रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने किया है। अग्नि-5 का पहला परीक्षण अप्रैल 2012 में हुआ था। इससे पहले अग्नि-1 से अग्नि-4 मिसाइलें 700 किलोमीटर से लेकर 3,500 किलोमीटर तक की रेंज वाली तैनात की जा चुकी हैं। अग्नि-5 का विकास भारत की दीर्घकालिक सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया गया है।




