नई दिल्लीं। केंद्र सरकार ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगा दिया है। गृह मंत्रालय की ओर से इसके बारे में अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। बता दें कि बीते लंबे समय से देश के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित राज्य मणिपुर में हिंसा जारी है। बीते रविवार को मणिपुर में मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने राजभवन में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला को अपना इस्तीफा सौंपा था।
क्या होता है राष्ट्रपति शासन
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 355 और अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है.
अनुच्छेद 355 केंद्र सरकार को राज्यों को बाहरी आक्रमण और आंतरिक अशांति से बचाने की ताकत देता है.
वहीं किसी राज्य में संवैधानिक तंत्र के असफल या कमजोर पड़ने पर राष्ट्रपति अनुच्छेद 356 के तहत राज्य सरकार की शक्तियों को अपने अधीन कर लेते हैं.
राष्ट्रपति शासन लगाने के लिए राज्यपाल, राष्ट्रपति को रिपोर्ट भेजते हैं और फिर राष्ट्रपति केंद्रीय कैबिनेट की सलाह के बाद इसे लागू कर देते हैं.
राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद भंग हो जाती है और राज्य सरकार के सभी मामले राष्ट्रपति के पास जाते हैं.
ऐसी स्थिति में दो महीने के अंदर संसद के दोनों सदनों की मंजूरी लेनी होती है. राष्ट्रपति शासन को छह महीने से लेकर अधिकतम तीन साल तक बढ़ाया जा सकता है. विशेष स्थितियों में इसकी सीमा और अधिक हो सकती है.
देश में पहली बार अनुच्छेद 356 का इस्तेमाल देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने साल 1951 में किया था. इसे पंजाब में लगाया गया था, जिसे करीब एक साल तक जारी रखा गया था.




