बालोद। जिले में डिजिटल पहचान के दुरुपयोग का गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक सिम विक्रेता ने POS सिस्टम का गलत इस्तेमाल करते हुए फर्जी तरीके से 142 सिम कार्ड जारी कर दिए। अंगूठा सत्यापन के बहाने एक व्यक्ति से तीन बार अंगूठा लगवाकर उसकी पहचान का दुरुपयोग किया गया। मामले का खुलासा होने पर बालोद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब सभी संदिग्ध नंबरों की तकनीकी जांच में जुटी है और जल्द बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, आरोपी सिम विक्रेता ने वास्तविक खरीदार की बायोमेट्रिक पहचान लेकर उसका इस्तेमाल कई सिम जारी करने में किया। एफआईआर में दर्ज मोबाइल नंबरों की लंबी सूची यह संकेत देती है कि यह कोई सामान्य त्रुटि नहीं, बल्कि डिजिटल पहचान के संगठित दुरुपयोग का मामला हो सकता है।
पुलिस रिकॉर्ड में यह भी सामने आया है कि आरोपी पहले भी इसी तरह के मामलों में न्यायालय में चालान पेश कर चुका है। इसी कारण इस मामले को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। बालोद पुलिस की तकनीकी टीम इन सभी नंबरों के उपयोग, लोकेशन और सक्रियता की जांच तेज कर रही है। साइबर ठगी में इन सिम कार्ड के इस्तेमाल की आशंका के चलते जांच एजेंसियां हर पहलू पर बारीकी से काम कर रही हैं। प्रारंभिक जांच संकेत देती है कि आने वाले दिनों में बड़ा खुलासा हो सकता है।
पुलिस के मुताबिक तकनीकी रिपोर्ट जैसे-जैसे सामने आ रही हैं, मामले की नई परतें खुलती जा रही हैं। आरोपी के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की तैयारी है। डिजिटल पहचान और साइबर सुरक्षा से जुड़े बढ़ते जोखिमों के बीच यह मामला एक गंभीर चेतावनी के साथ-साथ जांच एजेंसियों की सक्रियता का भी उदाहरण है। पुलिस जल्द ही इस पूरे फर्जी सिम नेटवर्क का खुलासा करने की उम्मीद जता रही है।




