Mukhyamantri Kanya Vivah Yojana: छत्तीसगढ में साय सरकार की मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ने गरीब परिवारों की बेटी की शादी की चिन्ता से मुक्ति दे दी है। साय सरकार की इस योजना का लाभ अब तक सैकड़ों गरीब परिवार उठा चुके हैं। दरअसल, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना कमजोर, आर्थिक परिस्थितियों वाले घरों की बेटियों के हाथ पीले कर माता-पिता के आर्थिक बोझ को कम कर रही है। जिनके घर में बेटियां होती है। उनके माता-पिता को बेटी की शादी योग्य उम्र होते ही चिंता सताने लगती है। हर मां-बाप का सपना होता है कि उनकी बेटी की शादी धूमधाम से हो, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण सपना अधूरा रह जाता है। ऐसे में राज्य में साय सरकार की मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से हजारों परिवारों के माता-पिता के आर्थिक बोझ को कम कर उनकी चिंता दूर कर रही है।
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Mukhyamantri Kanya Vivah Yojana: इस योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब परिवारों को होने वाली आर्थिक परेशानियों को दूर करना, शादी के मौके पर फिजुलखर्ची को रोकना, सामूहिक विवाह के आयोजन से सामाजिक स्थिति में सुधार लाना है। योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा आर्थिक सहायता के रूप में 50 हजार रुपए का अनुदान सहायता राशि प्रदान की जाती है। इसके अंतर्गत प्रत्येक कन्या को 21 हजार रुपए की राशि बैंक खाते या बैंक ड्राफ्ट के रूप में प्रदान की जाती है। इसके अलावा 15 हजार रुपए की राशि के उपहार दिए जाते हैं।
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आवेदन के लिए पात्रता
Mukhyamantri Kanya Vivah Yojana: राज्य के सभी जिलों में महिला व बाल विकास विभाग द्वारा समय-समय पर मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत शादी के लिए आवेदन मंगाया जाता है। योजना अंतर्गत प्रति जोड़े के लिए कुल 50 हजार रूपये खर्च किए जाने का प्रावधान है, जिसमें 21 हजार रूपये वधु को चेक अथवा खाते में और 21 हजार रूपये विवाह भेंट सामग्री एवं शेष राशि विवाह आयोजन में खर्च किया जाना होता है। योजनांतर्गत आवेदन करने की पात्रता के लिए वर 21 वर्ष और वधु 18 वर्ष की आयु पूर्ण होनी चाहिए।
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वहीं वर और वधु के निवास हेतु छत्तीसगढ़ मूल निवासी प्रमाण-पत्र अथवा पार्षद द्वारा सत्यापित निवास प्रमाण-पत्र मान्य होगा। एक पालक की दो बालिकाएँ ही योजना हेतु पात्र होगी। मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना के तहत कार्डधारी परिवार की बालिकाएँ पात्र होगी। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत महासमुन्द में 160 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। आज ये 160 जोड़े अपना जीवन हंसी खुशी से जी रहे हैं और ये गरीब बेटियां अपने पति और ससुराल में जा कर काफी खुश है। इनकी शादी गरीबी के कारण नहीं हो पा रही थी। आज ये दंपत्ति और परिवार सरकार को धन्यवाद दे रहे हैं।




