रायपुर। दिल्ली में राहुल गांधी के प्रधानमंत्री आवास घेराव के विरोध में राजधानी रायपुर में मंगलवार को भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। कांग्रेस भवन (राजीव भवन) की ओर बढ़ रहे भाजपा कार्यकर्ताओं और कांग्रेस नेताओं के बीच तनाव की स्थिति बन गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।
घटना के बाद कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस के प्रदेश संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा का उद्देश्य प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन पर हमला करना था। उनका आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ता ट्रैक्टर में पत्थर, चप्पल और पानी के पाउच लेकर पहुंचे थे। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस कार्यकर्ता गांधीवादी तरीके से विरोध कर रहे थे, लेकिन पहले भाजपा की ओर से पानी के पाउच और फिर पत्थर फेंके गए।
पुलिस की भूमिका पर सवाल
सुशील आनंद शुक्ला ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि आंसू गैस के गोले कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर दागे गए, जिससे शहर और ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष सहित कई कार्यकर्ता घायल हुए। उन्होंने कहा कि पुलिस के संरक्षण और मंत्रियों के उकसावे में भाजपा कार्यकर्ता आगे बढ़े और राजीव भवन में भय का माहौल बनाने की कोशिश की गई।
मंत्रियों को बर्खास्त करने की मांग
कांग्रेस ने मुख्यमंत्री और राज्यपाल से प्रदर्शन में शामिल मंत्रियों को बर्खास्त करने की मांग की है। सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार के दबाव में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस पूरे घटनाक्रम के विरोध में बुधवार को प्रदेश के सभी ब्लॉक मुख्यालयों में प्रदर्शन करेगी।




