रायपुर। रायपुर रेंज के साइबर थाने ने वाहन बिक्री और शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 50 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी करने वाले दो आरोपियों को ओडिशा से गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी ने फ्रॉड की रकम से शॉपिंग मॉल तक खड़ा कर लिया था। साथ ही आरोपियों के बैंक खातों और मोबाइल नंबरों के आधार पर देश के 15 राज्यों में तीन दर्जन से अधिक साइबर धोखाधड़ी के मामले दर्ज पाए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में अजय हो, पिता श्रीधर हो (37), निवासी सुंदरपाल, जिला केऊंझर (ओडिशा) शामिल है, जो गिरोह के लिए बैंक के म्यूल अकाउंट और फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराता था। इन खातों के जरिए बड़ी रकम का ऑनलाइन लेनदेन किया गया। दूसरा आरोपी चिन्मय राउत, पिता अतुल राउत (30), निवासी गोवर्धनपुर, टोमका, जाजपुर (ओडिशा) है, जिसने ठगी की रकम से शॉपिंग मॉल का निर्माण कराया।
संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया जारी
साइबर अपराधों की विस्तृत जांच के दौरान पुलिस टीम ओडिशा पहुंची और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के बैंक खातों और मोबाइल नंबरों से जुड़े मामले छत्तीसगढ़ सहित असम, केरल, कर्नाटक, पंजाब, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, बिहार, दिल्ली, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में भी दर्ज हैं। पुलिस ठगी से अर्जित संपत्तियों को सीज करने की कार्रवाई कर रही है।
केस 1
भोलेश्वर शोरी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने फेसबुक पर स्कॉर्पियो की बिक्री का विज्ञापन देखकर संपर्क किया। स्वयं को आर्मी का जवान बताने वाले व्यक्ति ने कम कीमत में वाहन उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया और 9.5 लाख रुपए ले लिए। वाहन न देने पर शिकायत दर्ज हुई। मामले में अजय हो को गिरफ्तार किया गया है।
केस 2
विरल पटेल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफा दिलाने के नाम पर उनसे 40 लाख रुपए इनवेस्ट करवाए गए लेकिन रकम वापस नहीं की गई। इस मामले में चिन्मय राउत को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मामले में धारा 318 (4) व 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया है।
दोनों मामलों की जांच जारी है और साइबर थाना अन्य राज्यों के साथ समन्वय कर आगे की कार्रवाई कर रहा है।




