KHABARWAAD RAIPUR. रामावतार जग्गी मर्डर केस के आरोपी आज रायपुर के कोर्ट में सरेंडर करेंगे। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 4 अप्रैल को 28 दोषियों की अपील को खारिज कर दिया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद वर्मा की डिवीजन बेंच ने लोअर कोर्ट के फैसले आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा है। उम्रकैद की सजा पाने वालों में लोगो में 2 तत्कालीन CSP और एक तत्कालीन थाना प्रभारी के अलावा रायपुर मेयर एजाज ढेबर के भाई याहया ढेबर और शूटर चिमन सिंह भी शामिल हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक आज दोपहर 2 बजे इस केस से संबधित 27 आरोपी न्यायधीश पंकज सिन्हा की कोर्ट में सरेंडर कर सकते है। 28 आरोपियों में 1 आरोपी विक्रम शर्मा उर्फ बुलटू पाठक की मौत हो गई है। बाकि सभी आरोपी आज सरेंडर कर सकते है।
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इन दोषियों की अपील पर कोर्ट ने सुनाया था फैसला
जग्गी हत्याकांड में दोषी अभय गोयल, याहया ढेबर, वीके पांडे, फिरोज सिद्दीकी, राकेश चंद्र त्रिवेदी, अवनीश सिंह लल्लन, सूर्यकांत तिवारी, अमरीक सिंह गिल, चिमन सिंह, सुनील गुप्ता, राजू भदौरिया, अनिल पचौरी, रविंद्र सिंह, रवि सिंह, लल्ला भदौरिया, धर्मेंद्र, सत्येंद्र सिंह, शिवेंद्र सिंह परिहार, विनोद सिंह राठौर, संजय सिंह कुशवाहा, राकेश कुमार शर्मा, (मृत) विक्रम शर्मा, जबवंत, विश्वनाथ राजभर की ओर से अपील की गई थी।
कौन थे रामावतार जग्गी
कारोबारी बैकग्राउंड वाले रामावतार जग्गी देश के बड़े नेताओं में शुमार पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल के बेहद करीबी थे। शुक्ल जब कांग्रेस छोड़कर NCP में शामिल हुए तो जग्गी भी उनके साथ-साथ गए। विद्याचरण ने जग्गी को छत्तीसगढ़ में NCP का कोषाध्यक्ष बना दिया।




