खैरागढ़। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में जनसमस्याओं को लेकर कांग्रेस ने रविवार को विरोध-प्रदर्शन किया। विधायक हर्षिता बघेल, पूर्व विधायक भुनेश्वर बघेल, पार्टी पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने डोंगरगढ़-खैरागढ़-कवर्धा मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। करीब दो घंटे तक हाईवे पर यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
40 ट्रैक्टरों के साथ निकाली रैली
आंदोलन की शुरुआत ग्राम खपरी सिरदार से हुई, जहां से कांग्रेस नेताओं और ग्रामीणों ने करीब 40 ट्रैक्टरों के काफिले के साथ रैली निकाली। रैली भंडारपुर होते हुए ढारा के नितिन चौक पहुंची, जहां प्रदर्शनकारी मुख्य मार्ग पर बैठ गए और चक्काजाम कर दिया। इससे सड़क के दोनों ओर भारी वाहनों, यात्री बसों और अन्य वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। राहगीरों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि क्षेत्र की सड़कें जर्जर हैं, किसान समय पर खाद नहीं मिलने से परेशान हैं और अघोषित बिजली कटौती के कारण आमजन को लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना था कि सरकार इन समस्याओं के समाधान के बजाय केवल घोषणाएं कर रही है।
सूचना मिलते ही खैरागढ़ और डोंगरगढ़ से प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर उनका ज्ञापन लिया और लिखित आश्वासन दिया कि डोंगरगढ़-खैरागढ़ सड़क की मरम्मत का कार्य दो दिन बाद शुरू कराया जाएगा। इसके बाद कांग्रेस ने अपना चक्काजाम समाप्त कर दिया।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
- खपरी सिरदार से ढारा के नितिन चौक तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत प्रस्तावित करीब 12 किलोमीटर सड़क का तत्काल निर्माण कराया जाए।
- अघोषित बिजली कटौती पर रोक लगाई जाए, बढ़े हुए बिजली बिलों से उपभोक्ताओं को राहत दी जाए तथा स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया बंद की जाए।
- किसानों को उचित मूल्य पर समय पर खाद उपलब्ध कराई जाए।




