Khabarwaad Sukama: नक्सलगढ़ का एक ऐसा भी गाँव हैं जहां 21 वर्षों के लंबे इंतज़ार के बाद भगवान राम के मंदिर के कपाट खुले हैं।सुकमा जिले के चिंतलनार थाना क्षेत्र के केरलापेन्दा गाँव में कुछ लोगों ने बताया भगवान श्री राम का मंदिर कई वर्षों पहले बनाया गया था।
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कुछ ग्रामीणों ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया कि नक्सलियों के कहने के बाद से तक़रीबन 21 वर्षों से मंदिर को बंद रखा गया। पर गाँव के ही एक परिवार के सदस्य रोज़ाना मंदिर के बाहर नक्सलियों से छिपते छिपाते आकर पूजा अर्चना करते रहे। हाल ही में सीआरपीएफ़ व सुकमा पुलिस द्वारा केरलापेन्दा गाँव से लगे लखापाल में नया कैम्प खोला है। सुरक्षाबलों के कैम्प खोलने के बाद जवान ग्रामीणों से उनका हाल-चाल जानने पहुँचे थे।
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इसी बीच ग्रामीणों ने सीआरपीएफ़ जवानों को मंदिर के विषय में बताया और मंदिर को फिर से खोलने का आग्रह किया। वहीं ग्रामीणों के आग्रह पर 21 वर्षों बाद मंदिर में जवानों की मौजूदगी में ग्रामीणों ने पूजा अर्चना भी की है। ग्रामीणों ने सीआरपीएफ़ जवानों से इस मंदिर के जीर्णोद्धार की इच्छा जताई है जिस पर सीआरपीएफ़ अफ़सरों ने जल्द ही मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य प्रारंभ कराने का आश्वासन दिया इस दौरान मंदिर का कपाट खुलने पर कुछ ग्रामीण ख़ुशी से झूमते नाचते हुए भी दिखाई पड़े।




