Chhattisgarh News Live: सरकारी स्कूलों में शिक्षा की बिगड़ती स्थिति को सुधारने के लिए शिक्षा विभाग ने अब पूरी तरह से कमर कस ली है। विभाग ने शिक्षक और स्कूल प्रशासन की कार्यप्रणाली में सुधार लाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसके तहत, शिक्षा विभाग ने विकासखंड स्तर पर पांच निरीक्षण टीमों का गठन किया है। ये टीमें स्कूल खुलने से पहले ही स्कूलों का निरीक्षण करने के लिए रवाना होंगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि शिक्षक समय पर स्कूल पहुंचें और कक्षाओं का संचालन तय समय पर शुरू हो।
समय पर स्कूल नहीं पहुंचने वाले शिक्षकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई
टीम के निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिक्षक समय पर स्कूल पहुंचे और निर्धारित समय पर कक्षाओं की शुरुआत हो। यदि कोई शिक्षक स्कूल समय पर नहीं पहुंचता है, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। विभाग का यह कदम शिक्षकों की अनुपस्थिति और देरी से स्कूल पहुंचने की समस्या को हल करने के लिए उठाया गया है।
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देरी से स्कूल पहुंचने की समस्या
Chhattisgarh News Live: हाल ही में कई बार यह देखा गया है कि दूरदराज के ग्रामीण इलाकों के अलावा, शहरों के मुख्य मार्गों से लगे स्कूलों में भी शिक्षक समय पर नहीं पहुंचते। ऐसे में बच्चों को स्कूल पहुंचने के बाद इंतजार करना पड़ता है, क्योंकि स्कूल के दरवाजे पर ताला लटका रहता है और शिक्षक के आने तक बच्चों को बाहर इंतजार करना पड़ता है। यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक बन गई थी, और इसके लिए विभाग को अभिभावकों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं।
शिकायतों के बाद शिक्षा विभाग ने लिया कठोर निर्णय
शिक्षकों की अनुपस्थिति और समय पर स्कूल नहीं पहुंचने की समस्या के बारे में लगातार जनदर्शन के माध्यम से शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर की अनुशंसा पर जिला शिक्षा अधिकारी ने निरीक्षण टीम का गठन किया है। ये टीमें नियमित रूप से अलग-अलग क्षेत्रों का निरीक्षण करेंगी और रिपोर्ट तैयार करके शिक्षा विभाग को सौंपेंगी। विशेष रूप से दूर-दराज के क्षेत्रों के स्कूलों का निरीक्षण भी इस दल के जिम्मे होगा, ताकि वहां के हालात की सही जानकारी मिल सके।
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टीम करेगी प्राथमिक, मिडिल, हाई और हायर सेकेंडरी विद्यालयों का निरीक्षण
Chhattisgarh News Live: टीम के सदस्य प्राथमिक, मिडिल और हाई स्कूलों के अलावा हायर सेकेंडरी स्कूलों का भी निरीक्षण करेंगे। इस निरीक्षण में केवल शैक्षणिक स्तर को ही नहीं, बल्कि अन्य आवश्यक मुद्दों जैसे विद्यालय की स्वच्छता, इन्फ्रास्ट्रक्चर और बच्चों की उपस्थिति की स्थिति का भी जायजा लिया जाएगा।
शिक्षकों की बिना सूचना के अनुपस्थिति पर सख्त कार्रवाई
शिक्षक कई बार बिना किसी सूचना के स्कूल से अनुपस्थित रहते हैं और दूसरे दिन आकर दो दिन की उपस्थिति पर हस्ताक्षर कर देते हैं। इसके कारण शिक्षा प्रणाली में अव्यवस्था फैल रही है। शिक्षकों के कक्षा में सोने, प्रार्थना के समय तक स्कूल न पहुंचने और अन्य लापरवाहियों से संबंधित वीडियो और खबरों के वायरल होने के बाद विभाग पर सवाल उठने लगे थे। इस समस्या को सुलझाने के लिए जिला शिक्षा विभाग ने सतत निरीक्षण का निर्णय लिया है।
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प्री-बोर्ड परीक्षा के लिए 30 प्राचार्यों का दल गठित
राज्य शासन ने आदेश दिया है कि सभी स्कूलों में जनवरी माह के अंत तक कोर्स को पूरा कर लिया जाए और प्री-बोर्ड परीक्षा आयोजित की जाए। इस कार्य के लिए 30 प्राचार्यों की एक टीम का गठन किया गया है, जो हर स्कूल में प्रश्न पत्रों की ब्लू प्रिंट तैयार करेगी। इस दौरान, सभी विद्यार्थियों को प्री-बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित होना अनिवार्य होगा। जिन स्कूलों में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की गई है, उन्हें भी कोर्स को समय पर पूरा कराने और शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
शाला प्रबंध समिति की मासिक बैठक का आदेश
शिक्षा विभाग ने बच्चों के नियमित उपस्थिति को सुनिश्चित करने और शिक्षा के स्तर में सुधार लाने के लिए शाला प्रबंध समिति की मासिक बैठक आयोजित करने का आदेश दिया है। यह बैठक स्कूल प्रमुख द्वारा प्रत्येक माह आयोजित की जाएगी, ताकि अभिभावकों का स्कूल प्रशासन के साथ बेहतर संवाद हो सके। इससे स्कूल की समस्याओं का समाधान जल्दी हो सकेगा, जैसे भवन की मरम्मत, स्वच्छता, पाठ्यक्रम संबंधी समस्याएं आदि। अभिभावकों के सहयोग से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना विभाग की प्राथमिकता है।




