रायपुर/सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में तेन्दूपत्ता बोनस घोटाले को लेकर आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बड़ी छापामार कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत ईओडब्ल्यू की टीम ने एक साथ 12 अलग-अलग ठिकानों पर दबिश देते हुए नगद राशि, दस्तावेज, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बैंक खातों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ जब्त की हैं।
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ईओडब्ल्यू को इस मामले में बड़ी सफलता उस समय मिली जब सुकमा के डीएफओ कार्यालय में पदस्थ कर्मचारी राजशेखर पुराणिक के निवास स्थान से ₹26,63,700 की नगदी बरामद की गई। यह मामला वर्ष 2021 और 2022 में तेन्दूपत्ता संग्राहकों को दिए जाने वाले प्रोत्साहन पारिश्रमिक से जुड़ा है, जिसमें लगभग 7 करोड़ रुपये के गबन का आरोप है। यह राशि सीधे तेन्दूपत्ता संग्राहकों को दी जानी थी, लेकिन प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस रकम का एक बड़ा हिस्सा हड़प लिया गया।
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ईओडब्ल्यू द्वारा इस मामले में अपराध क्रमांक 26/2025 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 409 (लोकसेवक द्वारा आपराधिक विश्वासघात) तथा धारा 120बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है। ईओडब्ल्यू की टीम ने इस कार्रवाई के दौरान सुकमा वनमंडल के डीएफओ अशोक कुमार पटेल, कार्यालय कर्मचारी मनीष कुंजाम, राजशेखर पुराणिक, और प्राथमिक लघुवनोपज समिति के प्रबंधकों सहित कुल 12 ठिकानों पर एक साथ छापा मारा।
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ब्यूरो द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, छापे के दौरान कई डिजिटल साक्ष्य, निवेश से जुड़े दस्तावेज, मोबाइल और बैंक लेनदेन का विवरण जब्त किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच आगे भी जारी है और जल्द ही गिरफ्तारियां हो सकती हैं।




