नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं और अब यह तनाव सीधे युद्ध के मुहाने पर जा पहुंचा है। इजरायल द्वारा किए गए ताजा हमले में ईरान को बड़ा झटका लगा है। हमले में अब तक 104 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 300 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इस हमले के बाद ईरान में भारी रोष है और देश की सैन्य नेतृत्व ने इजरायल को अब तक की सबसे तीखी चेतावनी दी है।
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ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के नए प्रमुख मेजर जनरल मोहम्मद पाकपुर ने बयान जारी करते हुए कहा है कि इजरायल को इस हमले का बहुत जल्द भयावह और निर्णायक जवाब मिलेगा। उन्होंने इसे ईरान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का घोर उल्लंघन बताया।
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मेजर जनरल पाकपुर ने यह बयान देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को संबोधित एक संदेश में दिया, जिसे ईरान की सरकारी मीडिया द्वारा प्रसारित किया गया। उन्होंने अपने बयान में कहा, “जायोनिस्ट शासन ने आज इस्लामी गणराज्य की राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करके जो अपराध किया है, उसका बदला जरूर लिया जाएगा। इस अपराधी और नाजायज शासन को एक भयंकर और विनाशकारी परिणाम भुगतना पड़ेगा।”
उन्होंने आगे कहा कि “कमांडरों, वैज्ञानिकों और शहीद हुए नागरिकों के खून का हिसाब लिया जाएगा। इस बाल-हत्या करने वाली सरकार के लिए जल्द ही नरक के द्वार खोल दिए जाएंगे।”
इस हमले और बयानबाजी के बाद क्षेत्र में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच सीधा सैन्य टकराव हो सकता है, जिसका असर पूरे पश्चिम एशिया और वैश्विक स्थिरता पर पड़ सकता है। ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई की आशंका के चलते इजरायल और उसके सहयोगी देशों ने अपनी सैन्य सतर्कता बढ़ा दी है।
संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक शक्तियां इस बढ़ते तनाव को रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयासों में जुट गई हैं, लेकिन फिलहाल हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं।




