नई दिल्ली। टाटा समूह के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने गुरुवार को एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 के हादसे को लेकर अपने कर्मचारियों को एक भावुक पत्र लिखा। इस हादसे में अब तक 265 लोगों की जान जा चुकी है, जिसमें विमान के सभी 230 यात्री, 12 क्रू मेंबर्स, और हॉस्टल में मौजूद दर्जनों रेजिडेंट डॉक्टर शामिल हैं।
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चंद्रशेखरन ने अपने पत्र में लिखा, “12 जून टाटा समूह के इतिहास का सबसे अंधकारमय दिन है। जो कुछ हुआ, वह अविश्वसनीय है। किसी एक व्यक्ति को खोना भी पीड़ादायक होता है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में जानें चली जाना असहनीय है। हम गहरे सदमे और शोक में हैं।”
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सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रही है: चंद्रशेखरन
उन्होंने लिखा कि टाटा समूह ने 2022 में एयर इंडिया का अधिग्रहण करते समय यह स्पष्ट कर दिया था कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि होगी, और इस सिद्धांत से कभी समझौता नहीं किया गया। उन्होंने कहा, “जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, हम कोई अनुमान नहीं लगाएंगे। हम पूरी पारदर्शिता के साथ हर तथ्य साझा करेंगे।”
जांच एजेंसियां सक्रिय, टाटा देगा पूरा सहयोग
चंद्रशेखरन ने बताया कि हादसे के 24 घंटे के भीतर भारत, अमेरिका और ब्रिटेन की जांच एजेंसियां अहमदाबाद पहुंच चुकी हैं और औपचारिक जांच शुरू हो चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि टाटा समूह जांच में पूर्ण सहयोग करेगा और सभी तथ्यों को सार्वजनिक करेगा।
हादसे का भयावह दृश्य: मेडिकल कॉलेज से टकराया विमान
गौरतलब है कि एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171, जो अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भर रही थी, टेकऑफ के कुछ ही मिनटों बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई। विमान बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से टकरा गया, जिससे जोरदार विस्फोट हुआ और विमान आग के गोले में तब्दील हो गया।
विमान में सवार यात्रियों में 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली, और 1 कनाडाई नागरिक शामिल थे। हादसे में केवल एक व्यक्ति की जान बच पाई है।
सहायता और समर्थन जारी
फिलहाल, फॉरेंसिक टीमें और विमानन विशेषज्ञ मौके पर पहुंचकर जांच में जुटे हैं। एयर इंडिया और टाटा समूह पीड़ित परिवारों को आपातकालीन सहायता, मनोवैज्ञानिक समर्थन और कानूनी मदद उपलब्ध करवा रहे हैं।
चंद्रशेखरन ने पत्र के अंत में लिखा, “हम इस दुख की घड़ी में एकजुट हैं और अपने साथी नागरिकों और सहकर्मियों के साथ पूरी संवेदना के साथ खड़े हैं।”




